यमन सरकार ने डॉन ऑफ यमन ऑपरेशन शुरू कर तइज़ और लाहिज में हूती ठिकानों को तबाह किया
यमन सरकार ने 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन के तहत तइज़ और लाहिज में हूती ठिकानों पर हमले किए हैं।

यमन: यमन सरकार की सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ 'डॉन ऑफ यमन' नाम से एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत तइज़ और लाहिज प्रांतों में हूती ठिकानों पर जोरदार हमले किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना और राजधानी सना पर दोबारा नियंत्रण पाना है।
27 अक्टूबर 2026 की देर रात यमन सशस्त्र बलों ने बताया कि उन्होंने कुल 1,382 सटीक हमले किए हैं। इन हमलों में करीब 440 हूती लड़ाके और कमांडर मारे गए हैं। इस कार्रवाई से तइज़ प्रांत में सेना ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
सैन्य हमलों में हूतियों के फील्ड कमांड सेंटरों, किलाबंदी, हथियारों के ठिकानों और सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाया गया। इसके अलावा उनके ट्रांसपोर्ट और सप्लाई नेटवर्क को भी तबाह किया गया है। फिलहाल सरकारी सेना तइज़ शहर के पश्चिम में हूतियों की घेराबंदी तोड़ने और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास लाल सागर के तटीय मैदान में लड़ रही है।
यमन सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नुज़ैली ने एक्स पर जानकारी दी कि इन हमलों से हूतियों की क्षमता काफी कम हो गई है। अब उनके लिए मोर्चों के बीच सैनिकों और संसाधनों को भेजना मुश्किल हो गया है।
प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने पुष्टि की कि 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन 5 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ था। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मकसद राज्य के संस्थानों को हूती नियंत्रण से मुक्त कराना है। इस पूरे ऑपरेशन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है।
अधिकारियों ने कहा है कि सैन्य गतिविधियों के दौरान आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
दूसरी तरफ, सऊदी अरब ने 27 अक्टूबर को बताया कि उसने हूतियों द्वारा राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और चार ड्रोन को मार गिराया है। फिलहाल हूती समूह ने इन सैन्य हमलों के दावों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।