यमन रक्षा मंत्रालय ने सेना और सुरक्षाकर्मियों को हूती मिलिशिया की भर्ती कोशिशों को नजरअंदाज करने की चेतावनी दी

Nura Basta17 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन रक्षा मंत्रालय ने सेना और सुरक्षाकर्मियों को हूती मिलिशिया की भर्ती कोशिशों को नजरअंदाज करने की चेतावनी दी

सना: यमन के रक्षा मंत्रालय ने उन सभी सैन्य और सुरक्षाकर्मियों के लिए जरूरी निर्देश जारी किए हैं जो फिलहाल हूती मिलिशिया के नियंत्रण वाले इलाकों में तैनात हैं। मंत्रालय ने इन कर्मियों को साफ तौर पर कहा है कि वे हूती नेतृत्व द्वारा जारी किसी भी जनगणना या समन के आह्वान को पूरी तरह नजरअंदाज करें।

सरकार ने चेतावनी दी है कि हूती मिलिशिया इन कोशिशों के जरिए सुरक्षाकर्मियों को युद्ध में खींचना चाहती है। मंत्रालय के मुताबिक यह सब हूती एजेंडे का हिस्सा है ताकि यमनी नागरिकों की घेराबंदी की जा सके और उन पर हमले किए जा सकें।

अधिकारियों और जवानों को सलाह दी गई है कि वे अपने वैध सैन्य नेतृत्व के संपर्क में रहें। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि वे अपनी आधिकारिक स्थिति तय करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं और तय स्थानों के बारे में विशिष्ट निर्देश प्राप्त कर सकें। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि नियमों का पालन करने वाले कर्मियों को राष्ट्रीय नियमों के अनुसार पूरा वेतन और वित्तीय लाभ मिलेगा।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

यह निर्देश 17 अक्टूबर 2026 तक बढ़े हुए क्षेत्रीय तनाव के बीच आया है। सैन्य अभियान काफी तेज हैं और यमनी सेना ने मारिब में बड़ी बढ़त का दावा किया है। सेना के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 430 से अधिक हूती लड़ाकों को ढेर किया गया और 100 से ज्यादा सैन्य संपत्तियां तबाह की गईं।

इसी अवधि के दौरान यमनी सशस्त्र बलों ने हूती सैन्य ठिकानों पर 1,292 हमले किए। ताइज प्रांत के स्थानीय अधिकारियों ने भी इस रुख को मजबूत किया है। अल-शमयतीन, अल-माफर, अल-मवासित, जबल हबशी, अल-मसरख, समिया, अल-सलव, धौबाब, अल-मखा, मौजा, अल-वाजीहिया और मकबनाह जैसे जिलों के नेताओं ने हूती आदेशों को ठुकराने वालों की सराहना की है।

दूसरी तरफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मिसाइल और ड्रोन खतरों को रोकना जारी रखा है। इस दौरान सादा में दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट किए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक राष्ट्रपति बयान जारी कर हूती हमलों की निंदा की है और प्रस्ताव 2216 को लागू करने का आग्रह किया है, जिसका सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन ने स्वागत किया है।

Share:

Comments

Leave a comment