यमन में ढाई लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए और सरकार ने शुरू किए नए राहत प्रोजेक्ट
यमन में हाल के हफ्तों में 2.5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं। सरकार ने अब राहत के लिए कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।

सना: यमन में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान ढाई लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने इस विस्थापन की जानकारी दी है।
इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 अगस्त से 17 अक्टूबर 2026 के बीच कुल 2,51,125 लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें करीब 41,853 परिवार शामिल हैं जिन्हें मजबूरी में पलायन करना पड़ा।
अल-अलीमी ने बताया कि घेराबंदी वाले इलाकों में अंतरराष्ट्रीय मदद पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने खास तौर पर ताइज़ शहर का जिक्र किया, जहां हूती बलों की कड़ी नाकाबंदी के कारण राहत कार्यों के समन्वय में दिक्कतें आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ताइज़ के 8 लाख से ज्यादा निवासी जरूरी मदद से कट चुके हैं। स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में ईंधन और दवाओं की भारी कमी के कारण वहां मानवीय বিপর্যয় की स्थिति बन सकती है।
इस संकट के बीच 28 अक्टूबर 2026 को चेयरमैन अल-अलीमी ने किंग सलमान सेंटर फॉर रिलीफ एंड ह्यूमैनिटेरियन वर्क का दौरा किया। यहां उन्होंने नौ बड़े मानवीय प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की।
इन प्रोजेक्ट्स के तहत लहीज, ताइज़ और अदन प्रांतों में आपातकालीन खाद्य सामग्री, आश्रय और पानी व स्वच्छता के बुनियादी ढांचे का काम किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय को मेडिकल उपकरण दिए जाएंगे और हज्जा में विस्थापितों के लिए एक नया आवासीय परिसर बनाया जाएगा।
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रीसेंट सोसाइटीज ने अपनी रणनीति में बताया है कि यमन में करीब 2.23 करोड़ लोगों को सहायता की जरूरत है। इसके लिए मानवीय मदद की निरंतर पहुंच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।