यमन में भयानक जंग से बिगड़े हालात, 76 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ने को हुए मजबूर.

Aanya12 September 20263 min read55 viewsYemen
यमन में भयानक जंग से बिगड़े हालात, 76 हजार से ज्यादा लोग घर छोड़ने को हुए मजबूर.

यमन में चल रही हिंसक लड़ाइयों के कारण आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। संयुक्त राष्ट्र की संस्था IOM यानी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर Migration ने इस बात की चेतावनी जारी की है कि वहां विस्थापन का संकट घंटे-दर-घंटे बदतर रूप लेता जा रहा है। 12 सितंबर 2026 तक घरबार छोड़कर भागने वाले लोगों की कुल संख्या 76,000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। यह आंकड़ा पिछले एक हफ्ते में चार गुना बढ़ गया है और 11 सितंबर 2026 को दर्ज किए गए 46,000 मामलों के मुकाबले लगभग दोगुना हो चुका है।

ताइज़ और वेस्ट कोस्ट पर सबसे बुरा असर

लोगों के अपने घर छोड़ने की मुख्य वजह सरकारी सेना और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच चल रही भारी गोलाबारी और लड़ाई है। यह संघर्ष खासतौर पर वेस्ट कोस्ट और साउथ ताइज़ के फ्रंटलाइन इलाकों में बहुत तेज हो गया है। सबसे ज्यादा तबाही Taiz गवर्नेरेट में देखने को मिली है, जहां के विभिन्न जिलों जैसे कि जबल हबाशी, अल माअफेर, मक्बानह, मौजा और अल वाज़ियाह से लगभग 50,000 लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा Lahj में लगभग 17,000 लोग, Al Hodeidah में 8,100 से ज्यादा लोग और Aden में 1,100 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इस बारे में अधिक जानकारी IOM Official Website पर साझा की गई है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

बार-बार उजड़ रहे हैं आम परिवार

IOM की डायरेक्टर जनरल Amy Pope ने जानकारी देते हुए बताया है कि युद्ध और हिंसा की वजह से कई परिवार ऐसे हैं जिन्हें दूसरी या तीसरी बार अपना घर छोड़कर भागना पड़ रहा है। लगातार जारी संघर्ष के कारण इन गरीब परिवारों की सारी जमा-पूंजी और संसाधन धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। इसके अलावा, रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले रेड सी पोर्ट शहर मोचा पर हूती विद्रोहियों के कब्जे की खबर सामने आई है। इस घटना के बाद से वहां से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन शुरू हो गया है और एक मुख्य मानवीय सहायता शिविर पर भी कब्जा किए जाने की बात सामने आई है। इस संकट के बारे में विस्तार से IOM News Portal पर पढ़ा जा सकता है।

राहत कार्यों में आ रही है भारी रुकावट

जंग के मैदान में चल रही सक्रिय लड़ाइयों की वजह से सड़कों पर आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है और टेलीकॉम तथा संचार सेवाएं भी बुरी तरह बाधित हुई हैं। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद IOM की टीमें यमन की एग्जीक्यूटिव यूनिट्स फॉर Internally Displaced People के साथ मिलकर राहत का काम कर रही हैं। प्रभावित परिवारों को तिरपाल, तंबू और साफ-सफाई की किट जैसी बुनियादी चीजें पहुंचाई जा रही हैं। हालांकि, अधिकारियों का साफ कहना है कि इस समय लोगों की जरूरतें बहुत ज्यादा हैं और उनके मुकाबले उपलब्ध राहत सामग्री काफी कम पड़ रही है। संगठन ने सभी युद्धरत पक्षों से अपील की है कि वे मानवीय सहायता पहुंचाने वाली गाड़ियों और टीमों को सुरक्षित रास्ता दें ताकि आम नागरिकों, राहत कर्मियों और जरूरी बुनियादी ढांचे की रक्षा की जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment