हूती मिलिशिया की यमन में कड़ी निंदा, रियाद हमले से तनाव बढ़ा

यमन: यमन के विदेश मंत्री ने हूती मिलिशिया के खिलाफ सख्त बयान जारी करते हुए उस पर आम नागरिकों के मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी इस बयान में मंत्री ने महिलाओं और बच्चों की हत्या, शहरों की घेराबंदी और इस्लामी पवित्र स्थलों की पवित्रता को खतरे में डालने जैसे मामलों को गंभीर बताया। उनके अनुसार ये कदम उस बड़े पैटर्न का हिस्सा हैं, जिसके जरिए यह संगठन पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब इस महीने के मध्य में पूरे इलाके में तनाव तेजी से बढ़ा है। 11 अक्टूबर को यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के उपराष्ट्रपति अब्दुल्ला अल-अलीमी बावाज़ीर ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मांग की कि वे केवल निंदा तक सीमित न रहें, बल्कि जवाबदेही और रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएं।
रियाद एयरपोर्ट पर हमला और सऊदी अरब की प्रतिक्रिया
ताज़ा घटनाक्रम में हूती सेनाओं ने 12 अक्टूबर को रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 11 लोग घायल हुए। इससे एक दिन पहले, 11 अक्टूबर को हुए एक और हमले में 12 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। रिपोर्टों में इसे एक दशक से अधिक समय में सऊदी धरती पर हुआ सबसे घातक हमला बताया गया है।
इन हमलों के बाद हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के हवाईअड्डों और हवाई क्षेत्र को लेकर धमकी दी है और उन्हें सैन्य अभियान का क्षेत्र घोषित किया है। वहीं 11 अक्टूबर को सऊदी अरब, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की ने एक संयुक्त बयान जारी कर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
जमीन पर स्थिति भी उतनी ही संवेदनशील है। सऊदी गठबंधन के समर्थन से यमनी सरकारी सेनाएं रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास जवाबी अभियान चला रही हैं। दूसरी ओर रिपोर्टों के मुताबिक हूती बलों ने ताइज़ के पास कुछ महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर बढ़त हासिल की है, जिससे ताइज़ को अदन से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर खतरा मंडराने लगा है।