यमन सेना का बड़ा अभियान: हूती ठिकानों पर 1,732 सैन्य कार्रवाई

यमन: यमन की सशस्त्र सेनाओं ने 11 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी करके ऑपरेशन "डॉन ऑफ यमन" के तहत चल रहे सैन्य अभियान की ताज़ा तस्वीर सामने रखी है। सेना के मुताबिक़ अलग-अलग मोर्चों पर उनकी टुकड़ियाँ आगे बढ़ रही हैं और इसी दौरान हूती मिलिशिया के ठिकानों पर 1,732 सटीक हमले किए गए।
बयान में कहा गया है कि इन कार्रवाइयों में लड़ाकू विमान, ड्रोन, फील्ड आर्टिलरी और रॉकेट लॉन्चर इस्तेमाल हुए। निशाने पर किलेबंदी और रक्षा चौकियाँ थीं, साथ ही मुख्य और आगे की कमांड व कंट्रोल सेंटर, निगरानी और टोही बिंदु, तोपखाने और रॉकेट दागने की जगहें भी शामिल रहीं। सेना का दावा है कि सैनिकों के जमावड़े और उनकी कुमक वाले इलाक़े भी इस हमले की ज़द में आए।
900 से ज़्यादा लड़ाके बेअसर, 287 से अधिक गाड़ियाँ और उपकरण ठप
सेना के अनुसार इन हमलों में हथियारों और गोला-बारूद के भंडार, कई तरह के वाहन और सप्लाई के साधन भी तबाह हुए। बयान के मुताबिक़ गहराई में मौजूद कुछ अहम सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। सेना ने दावा किया है कि इस पूरी कार्रवाई में 900 से अधिक मिलिशिया लड़ाके बेअसर हो गए और 287 से ज़्यादा गाड़ियाँ व सैन्य उपकरण या तो नष्ट हुए या काम के लायक़ नहीं रहे।
सेना का कहना है कि इन हमलों से दुश्मन की कई गोलीबारी करने वाली जगहें चुप करा दी गईं, कमांड और कंट्रोल सिस्टम में गड़बड़ी आई और दुश्मन की नई टुकड़ियों और सप्लाई को आगे पहुँचने से रोका गया। अधिकारियों ने यह भी साफ़ किया है कि सेना अपनी तय योजना के मुताबिक़ रक्षात्मक ठिकानों को तोड़ने और आगे बढ़ने का दायरा बढ़ाने में लगी हुई है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी आँकड़े यमन की सशस्त्र सेनाओं के बयान पर आधारित हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया गया है। फिलहाल इस अभियान की आगे की दिशा और इसके ज़मीनी असर पर नज़र बनी हुई है।