बाब अल-मंदब से हूती लड़ाके खदेड़े गए, यमनी सेना का ऑपरेशन तेज

Nura Basta10 October 20262 min read0 viewsYemen
बाब अल-मंदब से हूती लड़ाके खदेड़े गए, यमनी सेना का ऑपरेशन तेज

लाल सागर के मुहाने पर बसे बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य को लेकर यमन में चल रही लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर दिख रही है। यमन में सऊदी अरब के राजदूत मोहम्मद अल-जाबेर ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को कहा कि बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य में बचे हुए हूती लड़ाकों को बाहर कर दिया गया है। हालांकि ज़मीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं और दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।

अल-जाबेर ने X पर लिखा कि यह सभी यमनियों और अरबों की जीत है। उन्होंने बताया कि यमन सरकार की सेनाएं, जिनमें सदर्न जायंट्स ब्रिगेड और नेशंस शील्ड फोर्सेज शामिल हैं, इलाके को सुरक्षित करने और अहम ठिकानों पर दोबारा कब्ज़ा जमाने के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।

सितंबर के कब्ज़े से अक्टूबर के जवाबी हमले तक

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कहानी सितंबर के मध्य से शुरू होती है, जब हूती लड़ाकों ने पूरे लाल सागर तट के साथ-साथ पेरिम द्वीप और हनीश द्वीपों पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके जवाब में करीब 5 अक्टूबर को यमनी सरकारी बलों ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' शुरू किया।

9 अक्टूबर तक सरकारी बलों ने बाब अल-मंदब, पेरिम द्वीप और पास के अल-अराडी इलाके पर नियंत्रण हासिल करने की बात कही। सैन्य सूत्र इस लड़ाई को बेहद भीषण बता रहे हैं। उधर हूती से जुड़े मीडिया का दावा है कि उनके लड़ाकों ने जलडमरूमध्य के दक्षिण में हुए हमलों को नाकाम कर दिया। यानी जीत किसकी है, इस पर तस्वीर अभी साफ नहीं है।

सुरक्षा हालात भी स्थिर नहीं हैं। खबरों के मुताबिक हूती लड़ाकों ने 8 अक्टूबर को समुद्र के रास्ते ज़ुबाब इलाके में अतिरिक्त सैनिक उतारे। इसके बाद गुरुवार रात से शुक्रवार तक जलडमरूमध्य की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले भी जारी रहे।

सऊदी गठबंधन की बड़ी कार्रवाई और बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव

क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 10 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और हूतियों के 130 से ज़्यादा सैन्य ठिकाने तबाह करने की बात कही। सीमा पार का तनाव भी बढ़ा है। सऊदी बुनियादी ढांचे पर हूती हमलों की अमेरिका ने निंदा की और ईरान से कहा कि वह इस गुट को अपना समर्थन बंद करे।

हवाई हमलों की कीमत आम कर्मचारियों को भी चुकानी पड़ी। 9 अक्टूबर को सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो कर्मचारियों की मौत हुई और दो घायल हुए। उसी दिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बढ़ते हालात पर ब्रीफिंग भी की।

बाब अल-मंदब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में गिना जाता है, इसलिए यहां का नियंत्रण सिर्फ यमन की अंदरूनी लड़ाई का मामला नहीं रह जाता। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सरकारी बलों का दावा ज़मीन पर कितना टिकता है और हूती जवाबी हमलों से क्या बदलता है।

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