तइज़ के कहलान फ्रंट पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच भीषण युद्ध

यमन की सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच तइज़ में भीषण लड़ाई छिड़ी है। हवाई हमलों और संदिग्ध जहरीले हथियारों के आरोपों से तनाव बढ़ा।

Nura Basta1 November 20261 min read0 viewsYemen
तइज़ के कहलान फ्रंट पर सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच भीषण युद्ध

तइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना और लोकप्रिय प्रतिरोध (पॉपुलर रेजिस्टेंस) के बीच हूती मिलिशिया के साथ कहलान फ्रंट पर भीषण लड़ाई चल रही है। 1 नवंबर 2026 तक की जानकारी के मुताबिक, सरकारी सैनिक हूती मिलिशिया के हमलों और तोपखाने की गोलाबारी का मुकाबला कर रहे हैं, जिससे सैन्य ठिकानों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है।

हूती मिलिशिया की बढ़त को रोकने के लिए सरकारी वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। वायु सेना ने सब्र और अल-अकरुद के पास हूती ठिकानों, वाहनों के जमावड़े और बीएमपी (BMP) जैसे बख्तरबंद वाहनों पर लक्षित हमले किए हैं।

तनाव केवल कहलान तक सीमित नहीं है। तइज़ के अल-मताइन और पुराने हवाई अड्डे वाले क्षेत्रों के साथ-साथ पड़ोसी लहज प्रांत के मकतारा और मुदरिबा जिलों में भी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 1 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि उन्होंने हूती मिलिशिया की क्षमताओं को खत्म करने के लिए एक सैन्य अभियान चलाया है। गठबंधन के मुताबिक, यह कार्रवाई हूती मिलिशिया द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से पैदा किए जा रहे खतरों को देखते हुए की गई है।

तइज़ के स्थानीय अधिकारियों ने इस संघर्ष के कारण पैदा हुए मानवीय संकट पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि इस लड़ाई में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं और कई लोग विस्थापित हुए हैं।

31 अक्टूबर 2026 को अधिकारियों ने यह खुलासा किया कि कहलान और अल-अकरुद सेक्टर में हूती बलों द्वारा संदिग्ध जहरीले पदार्थों वाले प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या गोले) इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने इन घटनाओं की जांच और दस्तावेजीकरण के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाने की औपचारिक अपील की है।

Share:

Comments

Leave a comment