यमन के तइज़ में सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच भारी झड़प, 324 लड़ाके ढेर
यमन के तइज़ में सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच भारी झड़प हुई। सेना ने 324 हूती लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है।

तइज़: यमन की सरकारी सेना और हूती लड़ाकों के बीच तइज़ प्रांत के कई मोर्चों पर भीषण लड़ाई हुई है। 29 अक्टूबर 2026 को हुई इस झड़प में सरकारी सेना ने हूती लड़ाकों को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' (फज्र अल-यमन) के तहत की गई है।
यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नुज़ैली ने बताया कि सरकारी सैनिकों ने अल-कुवरी मोर्चे के रास अल-नाइल इलाके में हूतियों की बढ़त को नाकाम कर दिया। इसके अलावा साबीर अल-मावादिम जिले के अल-अकरौध, अल-मसरख और अल-रहन गांव में भी सैन्य अभियान जारी रहे।
सैन्य रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कुल 982 ऑपरेशन चलाए गए। हूतियों के कमांड सेंटर और उनकी मदद के लिए आ रही टुकड़ियों को निशाना बनाने के लिए युद्धक विमानों, ड्रोन, फील्ड आर्टिलरी और रॉकेट लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया। कर्नल अल-नुज़ैली के अनुसार, इस दौरान 324 हूती लड़ाके और कमांडर मारे गए। साथ ही तइज़ समेत कई प्रांतों में 108 सैन्य वाहन और भारी हथियार नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं।
तइज़ के पश्चिम में एक हूती ट्रेनिंग कैंप पर हवाई हमले किए गए और साबर अल-मावादिम में मिलिशिया के जमावड़े पर कई छापे मारे गए। तोपखाने की बमबारी में भी हूतियों के खेमे में काफी नुकसान हुआ है।
दूसरी तरफ, हूतियों द्वारा संचालित अल-मसिराह टीवी ने खबर दी कि 29 अक्टूबर को मक़बनाह जिले के अल-बरह इलाके में हवाई हमलों में 12 लोग मारे गए और तीन गंभीर रूप से घायल हुए। उन्होंने इन हमलों के लिए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया। हूती समर्थित एक मानवाधिकार संस्था ने बताया कि 28 अक्टूबर को तइज़ के पश्चिम में एक पेंट फैक्ट्री पर हमले के कारण वहां भीषण आग लग गई थी।
तइज़ के स्थानीय अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से जांच की मांग की है। आरोप है कि हूती बल प्रतिबंधित हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे अल-अकरौध और कहलान जैसे इलाकों में लोकप्रिय प्रतिरोध लड़ाकों और आम नागरिकों को सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो रही है। यमन के उप विदेश मंत्री मुस्तफा नोमान ने भी औपचारिक तौर पर हूतियों पर अवैध हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने चेतावनी दी है कि हूतियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से तइज़ में दवा, ईंधन और पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रांत की नाकाबंदी खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की अपील की है।