यमन हूती संघर्ष तेज़: मारिब में सेना की बढ़त, कई मोर्चों पर हमले

मारिब (यमन): यमन की सरकारी सेनाएं हूती मिलिशिया के खिलाफ यमन हूती संघर्ष के इस दौर में अपने हमले लगातार तेज़ कर रही हैं। मारिब प्रांत के दक्षिणी मोर्चों पर भारी लड़ाई चल रही है, जो 5 अक्टूबर 2026 को शुरू हुए 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का हिस्सा है। 12 अक्टूबर 2026 तक दक्षिणी और पूर्वी मारिब में झड़पें और गंभीर हो गई हैं।
अरब गठबंधन के हवाई समर्थन से हरीब और अल-जुबाह जिलों में हूती ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। सेना का दावा है कि इन हमलों के बीच उसने कई अहम इलाकों पर नियंत्रण हासिल किया है, जिससे आगे की कार्रवाई के लिए रास्ता साफ हुआ है।
सेना के दावे और ज़मीनी बढ़त
सेना के मुताबिक़ इस चरण में उसने थमाद, अल-क़ैमा और अल-मकीलात पहाड़ी इलाकों को हूती कब्ज़े से मुक्त कराया है। इन पहाड़ों से लगे रेगिस्तानी इलाके भी अब सरकारी सेना के नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। हूती विद्रोहियों ने इन ठिकानों को वापस लेने की कोशिश की, लेकिन सेना ने उन हमलों को नाकाम कर दिया।
सेना ने यह भी बताया कि इस दौरान कई तोपखाना ठिकाने नष्ट किए गए और एक हूती ड्रोन को मार गिराया गया। ताइज़ शहर के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर अल-ढुबाब क्षेत्र में भी 12 अक्टूबर को हूती हमले को विफल करने का दावा किया गया है।
यमन की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नेज़ीली ने जानकारी दी कि 12 अक्टूबर को खत्म हुए 24 घंटों की कार्रवाई में 900 से अधिक हूती लड़ाके निष्क्रिय किए गए। इसके अलावा वाहनों, कमांड और नियंत्रण केंद्रों और हथियार डिपो सहित 287 से अधिक हूती सैन्य उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त करने का दावा किया गया है। ये आंकड़े सरकारी सेना के बयान पर आधारित हैं और स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किए जा सके हैं।
इस बढ़ते अभियान के बीच 11 अक्टूबर 2026 को यमन के चीफ ऑफ स्टाफ सगीर बिन अज़ीज़ ने सशस्त्र बलों और जन प्रतिरोध समूहों के बीच बेहतर तालमेल की अपील की। इससे साफ है कि सरकार इस लड़ाई को व्यापक स्तर पर संगठित करना चाहती है।
वहीं, यमन