यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ के मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के बड़े हमले को नाकाम कर दिया है

ताइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना ने 16 अक्टूबर 2026 को ताइज़ प्रांत के दहिह और फोर्ट कहलान मोर्चों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए एक समन्वित हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। इस क्षेत्र में संघर्ष काफी बढ़ गया है, जिससे आम लोगों के लिए भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच बहुत मुश्किल हो गई है।
ताइज़ में रणनीतिक स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर हूतियों ने घेराबंदी खत्म नहीं की, तो यहां एक बड़ी मानवीय त्रासदी हो सकती है।
इसी बीच माउंट हान के पास हुई लड़ाई में हूती कमांडर अब्दुलरहमन मोहम्मद सुफयान वजीह अल-दीन, जिन्हें अबू अल-करर के नाम से भी जाना जाता है, मारे गए हैं। इसके साथ ही सरकारी सेना ने ताइज़ शहर के दक्षिण में अल-मिसराख जिले के धि अल-बारीह और जबा इलाकों में हूती ठिकानों पर दो हवाई हमले भी किए हैं।
यमन सरकार के प्रवक्ता माजेद अल-नुज़ैली ने बताया कि लड़ाकू विमानों, ड्रोन, आर्टिलरी और रॉकेट लॉन्चरों के इस्तेमाल से चलाए गए सैन्य अभियानों में ताइज़ मोर्चों पर हूतियों के 150 वाहनों और मजबूत ठिकानों को तबाह कर दिया गया है।
इस युद्ध की वजह से विस्थापन का संकट गहरा गया है। प्रांत में फिलहाल 1,14,708 लोग शरण लिए हुए हैं, जो सितंबर की शुरुआत से दर्ज किए गए कुल विस्थापनों का 57 प्रतिशत है। विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा है कि हूती तेजी से एक अजेय मिलिशिया में बदल रहे हैं।
दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने खमिस मुशैत, मदीना क्षेत्र और सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाने वाले हूती ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों को रोका है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि हालिया हमलों की जटिलता यह दर्शाती है कि हूतियों ने उन्नत सैन्य तकनीक हासिल कर ली है।