Yemen News: ताइज़ प्रांत में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला नाकाम, सरकारी सेना ने हवा में गिराए ड्रोन.

यमन के ताइज़ प्रांत में सुरक्षा बलों ने हूती विद्रोहियों के एक बड़े हमले को पूरी तरह से विफल कर दिया है। 04 सितंबर 2026 को यमन की सरकारी सेना ने अल-बारह फ्रंट पर हूती लड़ाकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया और उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस दौरान सेना ने आसमान में ही हूती विद्रोहियों के ड्रोन को मार गिराया, जिससे इलाके में उनकी चाल कामयाब नहीं हो सकी। ताइज़ और होदेइदाह प्रांतों में लगातार झड़पों का दौर चल रहा है, जिसके चलते सुरक्षा बलों ने अपनी ताकत को और अधिक बढ़ा दिया है।
ताइज़ और होदेइदाह में भीषण झड़पें
यमन की सशस्त्र सेना के मीडिया सेंटर ने इस बात की पुष्टि की कि एयर डिफेंस सिस्टम ने ताइज़ फ्रंट और पश्चिमी तटीय इलाकों के ऊपर कई ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया। सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, कुल तीन ड्रोन को मार गिराया गया, जिनमें से मुख्य रूप से जबल हबाशी जिले और मकबानह फ्रंट का इलाका शामिल था। भयंकर गोलीबारी और संघर्ष के दौरान सरकारी सेना को जायंट्स ब्रिगेड्स और नेशन शील फोर्सेज का पूरा समर्थन मिला, जिनकी मदद से तीन हूती वाहनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इस जवाबी कार्रवाई में 18 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए या फिर उन्हें सेना ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।
सरकारी टीवी पर दिखाए गए पकड़े गए लड़ाके
यमन के आधिकारिक टेलीविज़न चैनल ने पश्चिमी ताइज़ फ्रंट से पकड़े गए हूती लड़ाकों का फुटेज भी प्रसारित किया, जिससे साफ पता चलता है कि सरकारी सेना कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है। इसके अलावा, सरकारी बलों ने अल-बारह फ्रंट के अल-कदाहा सेक्टर में दुश्मनों की तरफ से हो रही गोलीबारी को पूरी तरह से शांत कर दिया। होदेइदाह के दक्षिणी हिस्से में माउंट डब्बास की तरफ आगे बढ़ने की हूती विद्रोहियों की कोशिशों को भी सेना ने नाकाम कर दिया। ताइज़ के स्थानीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि इन झड़पों के दौरान हूती मिलिशिया ने बैलिस्टिक मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया, जिसमें एक नागरिक पुल पर हमला किया गया। इस हमले से पुल को काफी नुकसान पहुंचा और मकबानह जिले के कई परिवारों को मजबूरी में अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा। संघर्ष वाले क्षेत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल ही में बढ़ी हिंसा के दौरान हूती गुटों ने कुल 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यमन की सेना ने इन इलाकों में अपनी रक्षात्मक स्थिति को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त जवानों और सैन्य उपकरणों को तैनात कर दिया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सके।