Yemen में बड़ा संघर्ष, अल-वाज़ियाह जिले में हूती ठिकानों पर सेना का बड़ा हमला

Praggya Singh sabal21 September 20262 min read2 viewsYemen
Yemen में बड़ा संघर्ष, अल-वाज़ियाह जिले में हूती ठिकानों पर सेना का बड़ा हमला

यमन की सैन्य ताकतों ने देश के पश्चिमी हिस्से में हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। 21 सितंबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयानों के अनुसार, यमन की सरकारी सेना ने अल-वाज़ियाह जिले में हूती लड़ाकों और उनके सैन्य उपकरणों को निशाना बनाकर सफल बमबारी की। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और तािज़ के पश्चिम में एक प्रमुख मोर्चा बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से इस पूरे इलाके में लगातार संघर्ष जारी है जिससे स्थानीय स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।

तािज़ और लाहिज में लगातार झड़पें

युद्ध के मैदान से मिल रही रिपोर्ट के अनुसार, यमन की सेना और हूती विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़पों का दौर जारी है। 18 सितंबर 2026 को यमन की सेना ने जानकारी दी थी कि पिछले चौबीस घंटों के दौरान हुए भीषण संघर्ष और हवाई हमलों में कम से कम 30 हूती लड़ाके मारे गए और 60 से अधिक घायल हुए। सशस्त्र बल मीडिया केंद्र के सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की कि यमन के लड़ाकू विमानों ने हूती वाहनों और उनके जमावड़े वाले ठिकानों को सटीक निशाना बनाया। इसके बाद 20 सितंबर 2026 तक अल-वाज़ियाह के मोर्चों पर लड़ाई जारी रही जो फैलकर लाहिज गवर्नर्रेट तक पहुंच गई। उसी दिन सरकारी सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की कि वफादार ताकतों ने पश्चिमी तािज़ में कई ठिकानों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है।

क्षेत्रीय स्तर पर हवाई हमले और भू-राजनीतिक हलचल

व्यापक क्षेत्रीय सैन्य अभियानों के तहत सऊदी अरब ने भी स्थिति पर अपनी पकड़ मजबूत रखी है। 20 सितंबर 2026 को समाप्त हुए चौबीस घंटों में सऊदी अरब ने तािज़ सहित यमन के विभिन्न प्रांतों में कुल 28 हवाई हमले किए। इन लगातार हमलों के बावजूद क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात में नाटकीय मोड़ देखने को मिले। 21 सितंबर 2026 को ऐसी खबरें सामने आईं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हूती ठिकानों पर नियोजित सैन्य कार्रवाई को रद्द कर दिया। इसके पीछे का कारण हूती समूह के साथ सीधे संचार चैनलों का मौजूद होना बताया गया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब सऊदी क्राउन प्रिंस की ओर से सीधे सैन्य हस्तक्षेप के लिए दबाव बनाया जा रहा था। दूसरी ओर, हूती समूह ने भी 21 सितंबर 2026 को मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए सऊदी अरब के खिलाफ अलग से सैन्य अभियानों को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment