यमन के सशस्त्र बलों ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, सऊदी अरब ने किया पलटवार

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। यमन के सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इस हमले ने न केवल हवाईअड्डे के कामकाज को पूरी तरह बाधित कर दिया, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यमन के प्रवक्ता याहिया सारी ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि मिसाइल ने अपने लक्ष्य को सटीक रूप से हिट किया है।
इस हमले के बाद हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि मक्का और मदीना के हवाई क्षेत्र को छोड़कर, सऊदी अरब का पूरा आसमान अब सैन्य गतिविधियों का केंद्र है, इसलिए एयरलाइंस यहां उड़ानें संचालित करना बंद कर दें। गौरतलब है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ है; इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को भी सऊदी हवाई अड्डों पर इसी तरह के हमले किए गए थे। इन हमलों में किंग खालिद और अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रभावित हुए, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हुए। मृतकों में सूडानी, मिस्र और अल्जीरियाई नागरिक शामिल थे।
सऊदी गठबंधन का जोरदार जवाबी हमला
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस घटना को 'आतंकवादी हूती मिलिशिया' द्वारा किया गया एक क्रूर हमला करार दिया है। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि इन हरकतों को माफ नहीं किया जाएगा। जवाबी कार्रवाई में सऊदी बलों ने उस लॉन्च प्लेटफॉर्म को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जहां से रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल छोड़ी गई थी।
इतना ही नहीं, गठबंधन ने यमन के भीतर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसमें कुल 82 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन लक्ष्यों में शामिल थे:
- कमांड और कंट्रोल सेंटर
- संचार प्रणालियां (Communication Systems)
- बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाएं
- हूतियों के जमावड़े वाले ठिकाने
विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराई गई शांति वार्ता के विफल होने के बाद यमनी गृहयुद्ध अब और अधिक हिंसक हो गया है। यमनी सरकार द्वारा शुरू किए गए बड़े जवाबी हमलों और हूतियों की आक्रामक रणनीति ने इस संघर्ष को एक खतरनाक मोड़ पर खड़ा कर दिया है।