Saudi Arabia पर नया हमला, यमन की सेना ने साउदी अरामको की जाजान रिफाइनरी को बनाया निशाना.

यमन की ओर से जाजान रिफाइनरी पर हुआ हमला
यमन की मिलिट्री फोर्स ने 7 सितंबर 2026 को सऊदी अरब की सरकारी कंपनी Saudi Aramco की Jazan refinery पर एक नया हमला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले की जानकारी सामने आई है और इसकी गंभीरता वैसी ही बताई जा रही है जैसी करीब एक महीने पहले हुए हमले की थी, जिसकी वजह से वहां का काम-धंधा कुछ समय के लिए रुक गया था। सऊदी अरामको कंपनी इस समय यह पता लगाने में जुटी है कि इस रिफाइनरी को कुल कितना नुकसान पहुंचा है। इस प्लांट की कुल क्षमता हर दिन 400,000 बैरल तेल प्रोसेस करने की है। हालांकि, सऊदी कंपनी की तरफ से इस ताजा घटना पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप IRNA News Agency की रिपोर्ट देख सकते हैं।
उत्पादन पर असर और पिछला रिकॉर्ड
पहले भी जब ऐसे हमले हुए थे, तब कंपनी के सीईओ Amin Nasser ने यह साफ किया था कि इन हमलों से भले ही काम थोड़ी देर के लिए रुका हो, लेकिन इससे कंपनी को कोई बड़ा ऑपरेशनल या पैसों का नुकसान नहीं हुआ था। 7 सितंबर 2026 तक किसी भी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर नहीं ली है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इस इलाके में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यमन की तरफ से हूती लड़ाके 5 सितंबर 2026 से यमन के पश्चिमी हिस्से में लगातार आगे बढ़ रहे हैं और वे सरकार के कब्जे वाले बंदरगाह Mocha और Bab el-Mandeb Strait की तरफ बढ़ रहे हैं।
समुद्री नाकाबंदी और शिपमेंट में भारी गिरावट
इससे पहले हूती बलों ने 20 जुलाई 2026 को सऊदी बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी करने का ऐलान किया था। इसी वजह से जाजान फैसिलिटी से होने वाले तेल के निर्यात में बहुत ज्यादा कमी आई है। स्थिति यह है कि पिछले महीने यानी अगस्त के दौरान यहां से एक भी तेल उत्पाद का शिपमेंट बाहर नहीं भेजा गया है। इस बढ़ते तनाव का असर वहां काम करने वाले लोगों और आम जनजीवन पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब और यमन के बीच चल रही इस तनातनी पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं, ताकि यह पता चल सके कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की सप्लाई पर इसका क्या असर पड़ेगा।