यमन के विदेश मंत्री की बर्लिन बैठक का दावा सोशल मीडिया पर निकला फर्जी
सोशल मीडिया पर यमन के कथित विदेश मंत्री की बर्लिन बैठक का दावा किया गया, लेकिन जांच में यह खबर पूरी तरह गलत पाई गई।

बर्लिन: सोशल मीडिया पर यमन के कथित विदेश मंत्री और कई अरब राजदूतों के बीच बर्लिन में हुई एक बैठक की खबरें तेजी से फैल रही हैं, लेकिन जांच में इन दावों का कोई ठोस आधार नहीं मिला है। यह खबरें 6 नवंबर, 2026 को सामने आईं, जिनमें दावा किया गया था कि हूती हमलों को रोकने के लिए राजनयिक स्तर पर चर्चा की गई है।
इन रिपोर्टों में अफराह अल-जुबा (Afrah al-Zouba) नाम की महिला को यमन का विदेश मंत्री बताया गया है। हालांकि, रिसर्च से पता चला है कि अफराह अल-जुबा यमन के विदेश मंत्री के पद पर नहीं हैं। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के मुताबिक, वर्तमान में शैया मोहसिन अल-ज़िंदानी (Shayea Mohsen Al-Zindani) विदेश मंत्री हैं।
बर्लिन में किसी भी ऐसे राजनयिक शिखर सम्मेलन का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, जैसा कि सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया था। इन पोस्ट के साथ एक लिंक भी साझा किया गया था, जिसमें दावा था कि अल जजीरा इस बैठक की लाइव अपडेट दे रहा है, लेकिन वह लिंक किसी भी सत्यापित रिपोर्ट पर नहीं ले जाता।
6 नवंबर, 2026 तक किसी भी आधिकारिक चैनल या अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोत ने इस बैठक या दावों की पुष्टि नहीं की है।