लाल सागर में हूती हमलों से वैश्विक व्यापार और सुरक्षा को खतरा बताया यमन की विदेश मंत्री ने
यमन की विदेश मंत्री ने लाल सागर में हूती हमलों को वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है।

सना: यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री शिपिंग के लिए बढ़ते हूती खतरों को लेकर औपचारिक चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि लाल सागर के तट और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में हूती घुसपैठ से क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा की कीमतों को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अल-ज़ौबा ने इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को यमन के राष्ट्रीय हितों के बजाय ईरान के क्षेत्रीय एजेंडे के साथ जुड़ाव बताया है।
इस बीच 22 अक्टूबर 2026 को यूरोपीय संसद के सदस्यों ने सऊदी अरब पर हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों के साथ-साथ यमन में उनके सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की। यूरोपीय निकाय ने यूरोपीय संघ और खाड़ी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और हूती वित्तीय संपत्तियों को फ्रीज करने की वकालत की है। साथ ही हूती आंदोलन को आतंकवादी संगठन घोषित करने की संभावना पर भी जोर दिया गया है। सांसदों ने हथियारों और रणनीतिक समर्थन के जरिए इन हमलों में ईरान की भूमिका की भी निंदा की।
उसी दिन मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने स्पष्ट किया कि रियाद के साथ काहिरा का वर्तमान सैन्य सहयोग पूरी तरह से रक्षात्मक है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य सऊदी क्षेत्र की रक्षा करना है, न कि यमन के अंदर अभियान चलाना।
एक वरिष्ठ सऊदी अधिकारी ने कहा कि नागरिक हवाई अड्डों पर हालिया हूती हमले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा हैं। यह तनाव सितंबर 2026 में हूतियों द्वारा मोखा बंदरगाह और बाब अल-मंडेब के रणनीतिक द्वीपों पर कब्जा करने के बाद और बढ़ गया है।
यूएस अफ्रीका कमांड (AFRICOM) ने हाल ही में सोमालिया में हूतियों के विस्तार की कोशिशों के बारे में चेतावनी दी है। आशंका है कि अल-शबाब के सहयोग से यह समूह सोमाली तट से समुद्री यातायात की निगरानी कर सकता है। इससे पहले 23 सितंबर 2026 को G7 के विदेश मंत्रियों ने चेतावनी दी थी कि इन महत्वपूर्ण जलमार्गों में व्यवधान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को खतरे में डालता है।