यमन में जाइंट्स फोर्सेज़ का बड़ा अभियान, हूती बारूदी सुरंगें हटाने में जुटीं

Nura Basta10 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन में जाइंट्स फोर्सेज़ का बड़ा अभियान, हूती बारूदी सुरंगें हटाने में जुटीं

यमन/अदन: यमन में सरकार समर्थित साउदर्न जाइंट्स ब्रिगेड्स इन दिनों हूती विद्रोहियों द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने में लगी हैं। 10 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति के मुताबिक़ यह काम उस बड़े सैन्य अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद हाल की झड़पों के बाद इलाक़ों को दोबारा अपने नियंत्रण में लेना है।

पूरा घटनाक्रम 5 और 6 अक्टूबर 2026 के बीच शुरू हुआ, जब यमन सरकार की सेनाओं ने जाइंट्स ब्रिगेड्स और नेशनल शील्ड फोर्सेज़ के साथ मिलकर 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' शुरू किया। इसका लक्ष्य रणनीतिक इलाक़ों को वापस लेना था। इसी दौरान जाइंट्स फोर्सेज़ ने धुबाब एयरपोर्ट के उत्तर में हूती विद्रोहियों के एक बड़े हमले को नाकाम किया और उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया।

यमन की सशस्त्र सेनाओं के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने पुष्टि की है कि इस दौरान सरकारी बलों ने धुबाब एयरपोर्ट और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास के अहम इलाक़ों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, इसलिए यहाँ का नियंत्रण पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अहम माना जाता है।

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सऊदी गठबंधन का हवाई समर्थन

इस अभियान में सऊदी अरब की अगुवाई वाला अरब गठबंधन हवाई मोर्चे पर लगातार सहयोग दे रहा है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की के अनुसार 10 अक्टूबर तक गठबंधन के विमानों ने हूती नियंत्रित इलाक़ों में 136 सैन्य ठिकाने तबाह किए हैं। उनके मुताबिक़ सरकारी सैनिकों को चौबीसों घंटे हवाई सहायता दी जा रही है। इससे पहले उन्होंने बताया था कि गठबंधन ने बाब अल-मंदब की हवाई सुरक्षा सुनिश्चित की है और विद्रोहियों की क्षमता घटाने के लिए सैकड़ों हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

हालाँकि हूती विद्रोहियों ने 7 और 8 अक्टूबर को धुबाब और बाब अल-मंदब के कुछ इलाक़ों पर फिर से कब्ज़े का दावा किया था। यमन सरकार के सूत्रों ने इन दावों को आधिकारिक तौर पर ख़ारिज किया है। तनाव अब भी बना हुआ है, क्योंकि विद्रोही लगातार हमले कर रहे हैं। इनमें अदन एयरपोर्ट के साथ सऊदी अरब के कुछ ठिकाने भी निशाने पर रहे हैं, जिनमें अबहा एयरपोर्ट और रियाद के किंग ख़ालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम शामिल हैं।

इसी बीच 5 अक्टूबर को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक सार्वजनिक बयान में हूती हमलों के ख़िलाफ़ सऊदी अरब के अपने क्षेत्र की रक्षा करने के अधिकार का समर्थन किया। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बारूदी सुरंगें हटाने का काम कितनी तेज़ी से आगे बढ़ता है और इन इलाक़ों में स्थिति कितनी स्थिर हो पाती है।

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