Yemen Crisis: यमन में बढ़ा तनाव, बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास भीषण हवाई हमले और झड़पों में 120 से ज्यादा की मौत.

Aanya5 September 20263 min read39 viewsYemen
Yemen Crisis: यमन में बढ़ा तनाव, बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास भीषण हवाई हमले और झड़पों में 120 से ज्यादा की मौत.

यमन सरकार ने हाल ही में देश के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं जिससे वहां का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। इस खतरनाक संघर्ष के चलते आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और स्थिति दिन-प्रतिदिन बहुत गंभीर होती जा रही है। युद्ध के मैदान से लगातार दिल दहलाने वाली खबरें सामने आ रही हैं जिनमें कई बेकसूर लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है और हर तरफ डर का माहौल बना हुआ है।

ताइज़ और अल-हुदैधह प्रांत में ताबड़तोड़ हमले

यमन सरकार ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को हौथी ठिकानों पर कुल 15 हवाई हमले किए। यह कार्रवाई मुख्य रूप से Taiz और Al-Hudaydah प्रांतों में की गई। इस सैन्य कार्रवाई को सरकार का समर्थन कर रहे नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज और ताइज़ मिलिट्री एक्सिस का पूरा साथ मिला। साल 2022 में हुआ पुराना समझौता अब पूरी तरह से टूट चुका है जिसके बाद से लड़ाई में भारी तेजी देखने को मिली है। यमन की आर्मी मीडिया सेंटर ने साफ किया है कि इन हवाई हमलों में हौथी लड़ाकों के जमावड़े, वाहनों और मुख्य ठिकानों को निशाना बनाया गया ताकि जमीन पर लड़ रहे सैनिकों को पूरी मदद मिल सके।

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रणनीतिक क्षेत्रों पर कब्जे की जंग

प्रेसीडेंशियल लीडरशिप काउंसिल यानी PLC के चेयरमैन Rashad al-Alimi ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि हौथी ताकतों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम Bab al-Mandab Strait की तरफ बढ़ने से हर हाल में रोका जाएगा। स्थानीय और सैन्य अधिकारियों का कहना है कि हौथी लड़ाकों ने पहले ही उन ऊंची जगहों पर कब्जा जमा लिया था जो सरकारी इलाकों के ऊपर हैं। इससे समुद्री जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। हालांकि सरकार इन हमलों के लिए सीधे तौर पर विद्रोहियों को जिम्मेदार मानती है, लेकिन दूसरी तरफ हौथी के एक सैन्य सूत्र ने इन हमलों के पीछे सऊदी अरब का हाथ होने का दावा किया है। हालांकि सऊदी अरब की तरफ से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

आम नागरिकों की जान और भारी तबाही

गुरुवार, 3 सितंबर 2026 से शुरू हुई इस खूनी संघर्ष में हालात बेहद भयानक हो चुके हैं। शनिवार, 5 सितंबर तक मरने वालों की कुल संख्या 120 के आंकड़े को पार कर गई है। अकेले शनिवार के दिन ही बच्चों और महिलाओं समेत 60 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हाल ही में हुए हमलों में दक्षिण-पश्चिम यमन की एक भीड़भाड़ वाली सड़क पर हौथी मिसाइल गिरने से कम से कम 4 नागरिकों की मौत हो गई और 9 लोग घायल हो गए। इसके अलावा ताइज़ में एक बस पर हुए अलग हमले में 6 नागरिकों की मौत हो गई। सरकारी बलों ने दावा किया है कि उन्होंने दोनों प्रांतों के कई अहम इलाकों पर फिर से कब्जा कर लिया है और अल-जराही जिले से दर्जनों हौथी लड़ाकों को भी पकड़ा है। साथ ही अल-हुदैधह के तट पर विस्फोटक से भरी दो नावों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।

मानवीय संकट और विस्थापन

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA ने जानकारी दी है कि इस भयानक हिंसा की वजह से केवल ताइज़ प्रांत में ही 3 सितंबर से लेकर अब तक लगभग 1,800 परिवार अपना घर-बार छोड़कर जाने को मजबूर हो गए हैं। जैसे-जैसे यह संघर्ष और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है, हौथी नेतृत्व ने भी सीधे तौर पर क्षेत्रीय संघर्ष में कूदने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने लाल सागर में काम कर रहे विदेशी जहाजों को लेकर सीधी चेतावनी भी जारी कर दी है जिससे आने वाले दिनों में खतरा और ज्यादा गहराने की आशंका जताई जा रही है.

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