यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ के पास हूती ड्रोन विशेषज्ञों की टीम को पकड़ा और कई बड़े अधिकारियों को किया गिरफ्तार

ताइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना ने शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हूती विद्रोहियों की ड्रोन चलाने वाली विशेषज्ञ टीम को पकड़ लिया है। 35वीं आर्मर्ड ब्रिगेड की इकाइयों ने यह कार्रवाई ताइज़ के दक्षिण-पूर्व में स्थित कहलान इलाके के अल-अकरुद फ्रंट पर की।
35वीं आर्मर्ड ब्रिगेड के मुताबिक यह ऑपरेशन हूती गतिविधियों को रोकने और युद्ध मोर्चों पर अपनी तैयारी मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा है। सरकारी सेना फिलहाल 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' चला रही है, जिसका मकसद हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस पाना है।
इस इलाके में सरकारी सेना को लगातार सफलता मिल रही है। इससे ठीक एक दिन पहले 15 अक्टूबर को अधिकारियों ने हूती गुट के कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया था। इनमें एंटी-नारकोटिक्स विभाग के महानिदेशक अकरम अमेर अल-मुतवाकिल और ताइज़ में हूती प्रिवेंटिव सिक्योरिटी के वरिष्ठ सदस्य मोहम्मद सईद मह्यूब अल-जुनैद शामिल हैं।
यमन में हालात अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। 15 अक्टूबर को अदन स्थित राष्ट्रपति महल पर हूती मिसाइल हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दस अन्य घायल हो गए।
दूसरी तरफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 16 अक्टूबर को सऊदी क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल और तीन ड्रोन को रोकने की बात कही है। हालांकि हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है।
जुलाई की शुरुआत से ही हिंसा में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले अप्रैल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद स्थिरता बनी हुई थी। इसी महीने यमन सेना ने ताइज़ में सैन्य अभियानों के दौरान करीब 100 हूती लड़ाकों के मारे जाने और पांच ड्रोन गिराए जाने की जानकारी दी थी।