यमन में सरकारी बलों का हमला, 130 हूती लड़ाके ढेर
यमन के मारिब, अल-जौफ और ताइज़ में सरकारी बलों ने बड़े हमले किए, जिसमें 130 हूती लड़ाके मारे गए और भारी सैन्य उपकरण नष्ट हुए।

यमन: सरकारी समर्थक बलों ने मारिब, अल-जौफ और ताइज़ के मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के खिलाफ भीषण सैन्य अभियान चलाया है। 7 नवंबर 2026 की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ घंटों में चली इस कार्रवाई में हूतियों को भारी जान-माल का नुकसान हुआ है।
मैदानी रिपोर्टों के अनुसार, सरकारी सेना ने हूती ठिकानों, सैनिकों के जमावड़े, उनकी कुमुक और फायरिंग पॉइंट्स को निशाना बनाते हुए कुल 875 टारगेटेड ऑपरेशन किए। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस कार्रवाई में लगभग 130 हूती नेता और लड़ाके मारे गए हैं।
हमलों में केवल सैनिक ही नहीं, बल्कि हथियारों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 50 सैन्य उपकरण, वाहन और मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन ऑपरेशनों में फाइटर जेट्स, ड्रोन और आर्टिलरी फायरिंग का इस्तेमाल किया गया।
ताइज़ में सरकारी बल हूतियों के हमलों को नाकाम करने और विभिन्न मोर्चों पर उनके समूहों की आवाजाही को रोकने में जुटे हैं। वहीं, मारिब और अल-जौफ में हूती जमावड़ों पर प्रहार करने के लिए इमरजेंसी टीमों और नेशन शील्ड फोर्सेस ने हिस्सा लिया।
दक्षिणी और पश्चिमी मोर्चों पर नेशन शील्ड फोर्सेस, जाइंट्स ब्रिगेड्स और नेशनल रेजिस्टेंस लगातार अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं। यह पूरी सैन्य गतिविधि 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए की जा रही है, जिसमें नागरिकों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।