यमन सैन्य अभियान: हूती लड़ाकों पर 2,750 से ज्यादा सटीक हमले, 1,400 मारे गए

Nura Basta10 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन सैन्य अभियान: हूती लड़ाकों पर 2,750 से ज्यादा सटीक हमले, 1,400 मारे गए

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बेहद आक्रामक सैन्य कार्रवाई की है। 'डॉन ऑफ यमन' (Dawn of Yemen) नाम के इस बड़े अभियान के तहत महज 24 घंटों के भीतर 2,750 से अधिक सटीक हमले किए गए। सरकार का दावा है कि इन हमलों में 1,400 से ज्यादा हूती लड़ाकों को ढेर कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई राजधानी सना पर दोबारा कब्जा करने और देश में सरकारी संस्थानों को बहाल करने के उद्देश्य से की जा रही है।

यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नधीब ने 9 अक्टूबर 2026 को इन आंकड़ों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन हमलों का मुख्य निशाना हूतियों के मजबूत किलेबंदी वाले इलाके, निगरानी चौकियां, आर्टिलरी और गोला-बारूद के डिपो थे। सेना ने हूती नियंत्रण वाले इलाकों में गहराई तक घुसकर उनके महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को तबाह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में 250 से अधिक सैन्य वाहन और अन्य सैन्य संपत्तियां पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

सऊदी गठबंधन का समर्थन और सना पर नजर

इस सैन्य अभियान में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की भूमिका अहम रही है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की कि उन्होंने निरंतर हवाई सहायता प्रदान की है, जिसके जरिए हूती क्षेत्रों में 136 अतिरिक्त सैन्य लक्ष्यों को नष्ट किया गया। गठबंधन का मुख्य फोकस हूतियों के बैलिस्टिक मिसाइल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है। वहीं, यमन के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल समीर अल-साबरी ने अब स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी सना अब एक सीधा सैन्य लक्ष्य है।

यह भीषण संघर्ष तब और बढ़ गया जब सितंबर 2026 में हूतियों ने बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य और मोखा पर कब्जा कर लिया था, साथ ही सऊदी हवाई अड्डों और इलाकों पर हमले तेज कर दिए थे। गौरतलब है कि राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद (PLC) के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी के नेतृत्व में शुरू हुए इस अभियान को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त है, जबकि हूती लड़ाकों (अंसार अल्लाह) को ईरान की मदद मिल रही है। हालांकि, सरकार द्वारा जारी किए गए इन आंकड़ों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि होनी बाकी है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment