होदेइदा गवर्नर बोले, पूरा यमन वापस मिलने तक जारी रहेगा सैन्य अभियान
होदेइदा गवर्नर डॉ. अल-हसन ताहिर ने कहा कि सरकारी नियंत्रण तब तक जारी रहेगा जब तक पूरा यमन मुक्त नहीं हो जाता।

होदेइदा: यमन के होदेइदा गवर्नर डॉ. अल-हसन ताहिर ने ऐलान किया है कि सरकारी सेनाएं तब तक सैन्य अभियान जारी रखेंगी, जब तक कि यमन का पूरा इलाका वापस सरकारी नियंत्रण में नहीं आ जाता। 4 नवंबर, 2026 को दिए अपने बयान में डॉ. ताहिर ने बताया कि पश्चिमी तट पर इस समय लड़ाई सबसे भीषण स्तर पर है। उन्होंने हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस पाने के प्रति भरोसा जताया है।
सरकारी सेनाएं 5 अक्टूबर, 2026 से 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन चला रही हैं। सऊदी अरब के समर्थन से इस अभियान का मकसद राजधानी सना और अन्य सरकारी संस्थानों पर फिर से नियंत्रण हासिल करना है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सभी गवर्नरेट में राज्य की संप्रभुता को दोबारा स्थापित करना है।
इस बीच, यमन के आंतरिक मंत्री इब्राहिम अली हैदान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की आईआरजीसी (IRGC) और हिज़्बुल्लाह ने होदेइदा समेत छह गवर्नरेट में अपने विदेशी विशेषज्ञों को तैनात किया है ताकि हूतियों की मदद की जा सके। हालांकि, हिज़्बुल्लाह ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
पिछले 24 घंटों की सैन्य गतिविधियों की बात करें तो अल-बयदा प्रांत के सेंट्रल सिक्योरिटी कैंप में हूतियों के हथियारों के डिपो और वाहनों को निशाना बनाकर चार हवाई हमले किए गए। वहीं, ताइज़ के दक्षिण में अल-अकरौद इलाके में सरकारी सेना ने हूतियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया।
दूसरी तरफ, हूती बलों ने अल-धला के कताबा जिले में एक सैन्य कैंप के पास गोलाबारी की। इसके अलावा, लहज प्रांत में आयरन फैक्ट्री स्थित एक जेल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया गया।
जुलाई 2026 में फिर से भड़की इस जंग में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और 2.5 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। डॉ. ताहिर के मुताबिक, इन विस्थापितों में से 7,435 लोगों का आधिकारिक तौर पर अदन, लहज और अब्यान गवर्नरेट में पंजीकरण किया गया है।