यमन के होदेइदाह में सरकारी काफिले पर हुआ भीषण हमला, कैमरे में कैद हुई हुथी विद्रोहियों की गोलीबारी.

यमन के होदेइदाह गवर्नरट में सरकारी बलों के काफिले पर हुथी विद्रोहियों द्वारा किए गए सड़क किनारे के एक संदिग्ध हमले का वीडियो कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। 9 सितंबर 2026 को अल जज़ीरा इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार जब एक सैन्य काफिला इस इलाके से गुजर रहा था, तब बंदूकधारियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है।
यमन में तेजी से बढ़ रहा है संघर्ष और हिंसा का दायरा
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरे यमन में संघर्ष बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जुलाई में 2022 के युद्धविराम के टूटने के बाद से पिछले कुछ सालों की सबसे भीषण लड़ाइयां देखने को मिल रही हैं। इस क्षेत्र में हिंसा तेजी से फैली है। चिकित्सा अधिकारियों ने केवल 6 सितंबर से 7 सितंबर के बीच तािज़ और होदेइदाह में हुई भीषण झड़पों में 117 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि की है। मारे गए लोगों में 54 सरकारी सैनिक और 63 हुथी विद्रोही शामिल हैं। इसके अलावा 5 सितंबर को हुई एक अन्य घटना में नागरिकों समेत कम से कम 60 लोगों की जान चली गई, जबकि तािज़ में हुए एक अलग मिसाइल हमले में चार नागरिकों की मौत हो गई और नौ लोग घायल हो गए।
रेड सी तट के पास रणनीतिक इलाकों पर केंद्रित है लड़ाई
यह पूरा विवाद लाल सागर यानी Red Sea तट के पास के जरूरी इलाकों और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की ओर जाने वाले रास्तों पर केंद्रित है। हालांकि यमन के सरकारी बलों, जिसमें नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस भी शामिल हैं, ने होदेइदाह के हेस जिले में आगे बढ़ने का दावा किया है, लेकिन इस तनाव की वजह से गंभीर मानवीय संकट खड़ा हो गया है। यमन के सामाजिक मामलों और श्रम मंत्रालय ने चल रही हिंसक वारदातों की वजह से अपने घरों से बेघर हुए हजारों नागरिकों की मदद के लिए तत्काल सहायता की गुहार लगाई है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत ने दी बड़ी चेतावनी
यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने औपचारिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर लड़ाई फिर से बड़े पैमाने पर शुरू हुई, तो इसका आम जनता पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। इस तनाव के दौरान हुथी विद्रोही लगातार हमले, ड्रोन और मिसाइलें दाग रहे हैं, जबकि सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी बलों की मदद करने और सऊदी क्षेत्र की ओर आने वाले हमलों को हवा में ही नाकाम करने में जुटा हुआ है।