यमन में बड़ा संकट, अल-खव्खह मेडिकल और राहत सुविधाओं को होती लूटपाट से भारी नुकसान.

यमन के होदेइदाह में स्थानीय प्रशासन ने हुथी मिलिशिया बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन लोगों ने अल-खव्खह जिले में मौजूद मेडिकल और राहत सुविधाओं को बुरी तरह लूटा है। यह ताजा मामला 18 सितंबर 2026 को सामने आया, जिसकी जानकारी सऊदी न्यूज द्वारा दी गई। इस घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में जरूरी सेवाओं और मेडिकल सहायता में आ रही बाधाओं को सबके सामने ला दिया है।
अस्पतालों और मानवीय सहायता पर लगातार हमले
हुथी विद्रोहियों का इतिहास रहा है कि वे हमेशा से स्वास्थ्य सेवाओं और मानवीय सहायता के कामों में दखल देते आए हैं। अतीत में भी उन पर फंड गबन करने, मेडिकल उपकरण चुराने और राहत कार्यों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहे हैं। साल अगस्त 2025 में ऐसी रिपोर्ट्स आई थीं कि इस समूह ने मरीजों की देखभाल के लिए रखे गए लाखों रियाल का गलत इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, इस समूह ने अगस्त 2024 में सना में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय पर भी छापा मारा था, जहां से उन्होंने फर्नीचर, गाड़ियां और कई जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए थे।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और विस्थापन
यह ताजा घटना ऐसे समय में हुई है जब वहां पर संघर्ष बहुत ज्यादा बढ़ गया है। जुलाई 2026 में हुथी बलों और सऊदी समर्थित सरकारी सैनिकों के बीच लड़ाई फिर से शुरू हो गई, जिससे अप्रैल 2022 से चल रहा संघर्षविराम खत्म हो गया। 13 सितंबर 2026 तक, लाल सागर के तट पर हुथी हमलों की वजह से एक मुख्य बंदरगाह शहर और बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य का एक द्वीप उनके कब्जे में चला गया। इन हिंसक झड़पों के कारण सितंबर 2026 की शुरुआत से अब तक 85,000 से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं और विस्थापित हो गए हैं।
गंभीर होता मानवीय संकट
होदेइदाह के स्थानीय अधिकारियों ने इस तरह की हरकतों की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लूटने से वहां का मानवीय संकट और ज्यादा गहराता जा रहा है। 11 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, सना के अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार आम नागरिकों को भर्ती करने से मना किया जा रहा है। अस्पतालों में सारा ध्यान घायल हुथी लड़ाकों के इलाज पर दिया जा रहा है, जिससे आम लोगों के लिए मेडिकल सेवाओं की पहुंच बहुत ज्यादा मुश्किल हो गई है और वहां की जनता बेहद परेशान है।