यमन में हूती हवाई हमले तेज़: अल-अक़रूद मोर्चे पर बमबारी

Nura Basta11 October 20262 min read0 viewsYemen
यमन में हूती हवाई हमले तेज़: अल-अक़रूद मोर्चे पर बमबारी

तइज़ (यमन), 11 अक्टूबर 2026: यमन के तइज़ शहर के दक्षिण में स्थित अल-अक़रूद मोर्चे पर रविवार को लड़ाकू विमानों ने हूती ठिकानों पर तीव्र हवाई हमले किए। यह कार्रवाई उस व्यापक संघर्ष का हिस्सा है, जिसने अब कई मोर्चों पर एक साथ रफ़्तार पकड़ ली है और इससे पूरे देश में हालात तेज़ी से बिगड़ते दिख रहे हैं।

सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन ने 10 अक्टूबर को बताया कि उसने पूरे यमन में 136 सैन्य ठिकाने तबाह कर दिए हैं। वहीं यमनी सेना ने हूतियों की आपूर्ति लाइनों और अहम रक्षात्मक ठिकानों पर हमले की योजना की पुष्टि की है। ये सारी कार्रवाइयां "ऑपरेशन डॉन ऑफ़ यमन" के तहत चल रही हैं, जो 5 अक्टूबर से शुरू हुआ था।

24 घंटे में क्या हुआ

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल आर. मजीद अल-नज़ीली के मुताबिक़, 10 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों में गठबंधन और सरकारी बलों ने 1,900 से ज़्यादा सटीक हमले किए। इनमें 1,150 से अधिक हूती लड़ाके मारे जाने और 180 से ज़्यादा सैन्य वाहनों के नष्ट होने का दावा किया गया है। इसी दौरान अल-शक़ब मोर्चे पर ज़मीनी लड़ाई भी जारी है, जहां हूती हमले को नाकाम करने के दौरान 25 से अधिक हूती लड़ाकों के मारे जाने की बात कही गई है।

हालात सिर्फ़ यमन के अंदर तक सीमित नहीं हैं। हूती बलों ने सऊदी अरब पर भी हमले किए हैं। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग ख़ालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 के घायल होने की खबर है।

इन घटनाओं पर ब्रिटेन सरकार ने हूतियों की बढ़ती हिंसा की खुलकर निंदा की है। उसने ख़ास तौर पर तइज़ शहर की घेराबंदी और इससे नागरिकों की ज़रूरी आपूर्ति लाइनों पर पड़ने वाले ख़तरे को रेखांकित किया है।

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग ने 10 अक्टूबर को चेतावनी दी कि यमन फिर से "पूर्ण पैमाने के युद्ध" की ओर लौट गया है। तइज़ के स्थानीय प्रशासन ने भी आगाह किया है कि 60 लाख से ज़्यादा लोग घिरने के ख़तरे में हैं, जहां लोग ईंधन के गंभीर संकट और बुनियादी सामान की भारी कमी से जूझ रहे हैं।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 10 अक्टूबर को संकेत दिया कि सऊदी ढांचे पर हमलों के बाद अमेरिका हूती बलों के ख़िलाफ़ गठबंधन के हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि आगे यह संघर्ष किस दिशा में जाता है।

Share:

Comments

Leave a comment