ताइज के पास हूती ठिकानों पर हवाई हमला, भीषण जंग के बीच भारी तबाही
यमन के ताइज इलाके में हूती विद्रोहियों के वाहनों और ठिकानों पर एयरस्ट्राइक हुई है। क्षेत्र में भारी गोलाबारी और भीषण जंग जारी है।

ताइज (यमन): यमन के ताइज शहर के दक्षिण में स्थित हयजत अल-अब्द इलाके में सैन्य विमानों ने हूती विद्रोहियों के वाहनों और ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। 30 अक्टूबर 2026 को हुए इन हमलों के दौरान क्षेत्र में सैन्य टकराव काफी बढ़ गया है।
सरकारी गठबंधन के जायंट्स ब्रिगेड्स ने बताया कि उन्होंने हैफन और अल-सुहा-कुर्बा मोर्चों पर हूतियों के एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। हूती विद्रोहियों ने हयजत अल-अब्द, हैफन पहाड़ियों और अल-अहकुम एक्सिस का इस्तेमाल कर यह हमला किया था, जिसके साथ ही नागरिक इलाकों में भारी गोलाबारी भी की गई।
सैन्य रिपोर्टों के अनुसार, हूती मिलिशिया ने अल-तुर्बाह, हैफन और अल-मकतिराह की ओर स्पेशल फोर्सेज और अल-बद्र बटालियन सहित भारी सैन्य कुमुक भेजी थी। उनका मकसद अल-मकतिराह पर कब्जा करना और वहां से लहिज प्रांत की ओर बढ़ना था। इसके अलावा हैफन और अल-मिसराख मोर्चों पर हूतियों के जमावड़े पर भी हवाई हमले किए गए हैं।
ताइज में मानवीय स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। गवर्नर नबील शमसन ने 30 अक्टूबर को कहा कि हूती ताकतें शहर को "पत्थर युग" में वापस ले जाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि एक महीने से जारी घेराबंदी के कारण भोजन और दवाओं की भारी किल्लत हो गई है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त से 20 अक्टूबर के बीच 64 लोग मारे गए और 173 घायल हुए हैं, जबकि 6,400 से अधिक परिवार विस्थापित हुए हैं। दूसरी ओर, हूती नेता अब्दुल-मालिक बद्र अल-दीन अल-हूती ने घेराबंदी की बात से इनकार करते हुए दावा किया कि मानवीय सहायता के रास्ते खुले हैं।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हयजत अल-अब्द सड़क अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गई है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने 27 अक्टूबर को रिपोर्ट किया कि ईंधन और आपूर्ति के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली इस सड़क को पहुंचाए गए नुकसान अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।
पिछले दो दिनों में हूतियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। समूह ने 51 लड़ाकों और फील्ड अधिकारियों के जनाजे निकाले हैं, जबकि दो वरिष्ठ सुरक्षा नेताओं की मौत की भी पुष्टि हुई है।