Yemen: हुथी बलों ने सऊदी समर्थित राहत शिविरों पर किया हमला, आम जनता की बढ़ी मुश्किलें.

यमन के मानवाधिकार मंत्रालय ने हाल ही में हुथी ताकतों पर बड़ा आरोप लगाया है। 18 सितंबर 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, हुथी बलों ने देश के पश्चिमी तट पर चल रहे मानवीय सहायता केंद्रों पर हमले किए और वहां का सामान लूट लिया। इस घटना के बाद से आम लोगों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं और चारों तरफ परेशानी का माहौल बन गया है।
अस्पताल और राहत शिविर बने निशाना
स्थानीय अधिकारियों ने सरकारी समाचार एजेंसी SABA के जरिए इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों में गंभीर रूप से जरूरी जगहों को निशाना बनाया गया है। इसमें मुख्य रूप से मेडिकल क्लीनिक, खाने-पीने और दवाइयों के गोदाम, पानी की सप्लाई करने वाले प्रोजेक्ट्स और आपातकालीन तंबू शामिल हैं। अल-खवखा जिले में इन हमलों की वजह से विस्थापित लोगों और वहां रहने वाले स्थानीय नागरिकों का जीवन नर्क जैसा बन गया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि अस्पतालों और राहत कार्यकर्ताओं पर इस तरह के हमले करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
सऊदी अरब की मदद से चल रहे थे प्रोजेक्ट्स
जितने भी राहत केंद्र इन हमलों की चपेट में आए हैं, वे सभी सऊदी अरब की तरफ से फंड किए गए थे। इन प्रोजेक्ट्स को मुख्य रूप से King Salman Humanitarian Aid and Relief Center के माध्यम से चलाया जा रहा था। रिपोर्ट बताती है कि इन सऊदी समर्थित क्लीनिकों से हर साल लगभग 250,000 यानी ढाई लाख लोगों को मुफ्त में इलाज और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती थीं। लेकिन अब इन जगहों पर तोड़फोड़ और हमलों की वजह से हजारों आम नागरिकों की जान पर संकट आ गया है, क्योंकि वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतों और सेहत के लिए इन्हीं केंद्रों पर निर्भर थे.
इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए यमन के मानवाधिकार मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन ने दुनिया भर के बड़े संगठनों और संयुक्त राष्ट्र से तुरंत मदद की गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय संगठन जल्द से जल्द आगे आएं ताकि बची हुई राहत सामग्रियों और इमारतों को बचाया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यमन के पश्चिमी तटीय इलाकों में रहने वाले गरीब और पीड़ित लोगों तक समय पर जीवन बचाने वाली मदद पहुंचती रहे.