Yemen में हouthi विद्रोहियों का बड़ा खतरा, नागरिक विमानों को निशाना बनाने के लिए ईरान के हथियारों का इस्तेमाल.

यमन की सशस्त्र सेनाओं ने 26 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक दस्तावेज जारी किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे हूती मिलिशिया नागरिक विमानन सेवाओं को निशाना बना रही है। यमन की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अल-नेजिली ने यह जानकारी दी है। उनके अनुसार, ईरान द्वारा दिए गए एयर डिफेंस सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और इन्हें क्रूज मिसाइल में बदला जा रहा है।
हूती विद्रोहियों की खतरनाक साजिश और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर खतरा
हूती विद्रोही इन हथियारों का इस्तेमाल होदेidah गवर्नर से कर रहे हैं। ये मिसाइलें दक्षिणी लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों को निशाना बना रही हैं। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक इन मिसाइलों में थर्मल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। यह तकनीक हवा में 25 मिनट तक सक्रिय रह सकती है और किसी भी गर्मी छोड़ने वाले स्रोत को बिना सोचे समझे निशाना बनाती है।
इस खतरनाक तकनीक की वजह से सैन्य और नागरिक विमानों दोनों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इसमें संयुक्त राष्ट्र और अन्य मानवीय संगठनों के विमान भी शामिल हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस वजह से दक्षिणी लाल सागर के ऊपर का आसमान एक बेहद खतरनाक क्षेत्र बन गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन की सुरक्षा पर बहुत बड़ा संकट आ गया है।
ईरान के बयानों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मदद की अपील
ब्रिजगेडियर जनरल माजिद अल-नेजिली ने इस तनाव के पीछे ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों का हाथ बताया है। इनमें ईरानी नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर और ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई के नाम शामिल हैं। इन लोगों ने ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगने के बाद क्षेत्रीय विमानन सेवाओं को बाधित करने की धमकी दी थी।
यमन की सशस्त्र सेनाओं ने अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी ICAO और अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ यानी IATA से तुरंत दखل देने की अपील की है। सेना ने इस पूरी स्थिति को वैश्विक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा बताया है।
सऊदी अरब के हवाई हमले और यमनी सरकार की कार्रवाई
इसी बीच, 26 सितंबर 2026 को ही हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारे ने दावा किया कि सऊदी अरब ने 24 घंटे के भीतर यमन के छह प्रांतों में 27 हवाई हमले किए। उनका कहना था कि इन हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार से जुड़ी सेना ने ताइज़ में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसमें उनके हथियार गोदामों, सप्लाई रूट और आगे की चौकियों को निशाना बनाया गया।