Yemen Crisis: हूती मिलिशिया ने रोका शांति का रास्ता, सऊदी गठबंधन का आरोप- ईरान के इशारे पर हो रहा है सब

Praggya Singh sabal4 July 20262 min read26 viewsYemen

यमन में शांति की कोशिशों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यमन सरकार और सऊदी गठबंधन का कहना है कि हूती मिलिशिया जानबूझकर शांति के रास्तों में रोड़ा अटका रही है। आरोप है कि हूती मिलिशिया ईरान के निर्देशों पर काम कर रही है ताकि देश में संघर्ष खत्म न हो और तनाव बना रहे।

शांति प्रस्तावों को किया खारिज

यमन के सूचना मंत्री ने बताया कि यमन सरकार, सऊदी गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स ने देश के संकट को खत्म करने के लिए लगातार कई पहल की थीं। इन कोशिशों का मकसद एक ऐसा रोडमैप तैयार करना था जिससे आम लोगों की तकलीफें कम हों। लेकिन मंत्री के मुताबिक, हूती मिलिशिया ने इन सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया और लड़ाई को और बढ़ाने पर जोर दिया।

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सऊदी गठबंधन की कड़ी चेतावनी

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Maliki ने हूतियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि हूती मिलिशिया अपनी आर्थिक नाकामियों और जनता के गुस्से से ध्यान हटाने के लिए धमकियां दे रही है। गठबंधन ने साफ किया कि अगर हूतियों ने सऊदी अरब की संप्रभुता का उल्लंघन किया या कोई हमला करने की कोशिश की, तो उसका जवाब बहुत ताकत और सख्ती के साथ दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हूती अभी भी दक्षिणी लाल सागर और Bab al-Mandab जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहे हैं।

ईरानी फ्लाइट और इमरजेंसी मीटिंग

यह पूरा तनाव तब और बढ़ गया जब हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने सऊदी हवाई अड्डों और अहम ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी। यह धमकी तब आई जब सऊदी विमानों ने सना एयरपोर्ट पर एक ईरानी नागरिक उड़ान को उतरने से रोकने की कोशिश की। इस घटना के बाद यमन की Presidential Leadership Council ने एक इमरजेंसी मीटिंग की। काउंसिल ने इस उड़ान को यमन की संप्रभुता का उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून की अवहेलना बताया।

यमन सरकार ने यूनाइटेड नेशन्स और क्षेत्रीय पार्टनर्स से अपील की है कि वे केवल निंदा न करें, बल्कि कड़े कदम उठाएं। काउंसिल चाहता है कि उन रास्तों को पूरी तरह बंद किया जाए जिनके जरिए ईरान हूतियों को हथियार और मदद पहुँचा रहा है।

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