शबवा में हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले में कई सैनिकों की मौत, राष्ट्रपति ने दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया

शबवा (यमन): यमन के राष्ट्रपति ने शबवा प्रांत में नए सैन्य रंगरूटों पर हुए जानलेवा हूती मिसाइल हमले की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति ने कहा कि शहीदों का खून बेकार नहीं जाएगा और यह एक पवित्र अमानत है। उन्होंने पीड़ित परिवारों की देखभाल करने और सैनिकों के बलिदान का सम्मान करने की बात कही है।
यह हमला जरदान जिले के अल-अलम सैन्य कैंप में हुआ। सुबह के समय जब सरकारी सेना के जवान प्रशिक्षण ले रहे थे, तब हूती विद्रोहियों ने उन पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
स्थानीय अधिकारियों और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में भारी नुकसान हुआ है। अनुमान है कि 18 से 20 सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि दो दर्जन से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। यमन मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार, मरने और घायल होने वालों की कुल संख्या करीब 40 तक पहुंच गई है।
यह घटना उस समय हुई है जब 2022 के युद्धविराम के बाद हिंसा फिर से बढ़ गई है। हाल ही में हूती विद्रोहियों ने अदन एयरपोर्ट और माशिक प्रेसिडेंशियल पैलेस पर भी हमले किए थे, जिसमें पांच सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।
यमन के राष्ट्रपति रशाद अल-अलिमी ने 5 अक्टूबर 2026 को देश को हूती मिलिशिया से मुक्त कराने का संकल्प लिया था। सरकार हूती समूह को एक आतंकवादी संगठन मानती है।
यमन कैबिनेट ने 17 अक्टूबर को बयान दिया था कि ऐसे हमलों से सरकारी कामकाज नहीं रुकेंगे। हालांकि, हूती आंदोलन ने अभी तक शबवा हमले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
यमन सरकार को इस जवाबी कार्रवाई में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है। राष्ट्रपति अल-अलिमी ने प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के लिए अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय सहायता जारी रखने की अपील की है।