यमन में बड़ा सैन्य संघर्ष, हौथी आंदोलन ने 210 कैदियों को किया रिहा

यमन की राजधानी Sanaa में उस समय माहौल पूरी तरह बदल गया जब एक बड़े घटनाक्रम के तहत हौथी आंदोलन ने अपने 210 सदस्यों को जेल से रिहाई दे दी। ये सभी लोग पिछले काफी समय से सऊदी समर्थित सरकारी फौजों की गिरफ्त में थे और इन्हें पश्चिमी तट के उन इलाकों की जेलों में रखा गया था जिन्हें हाल ही में हौथी लड़ाकों ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी रिहाई के बाद राजधानी में कैदियों के परिवार वाले और समर्थक बड़ी संख्या में जुटे और उन्होंने अपनी खुशी का इजहार किया।
कैदियों की रिहाई और जश्न का माहौल
जब ये सभी रिहा हुए कैदी Sanaa पहुंचे तो वहां के लोगों ने उनका स्वागत किया और इस दौरान कार्यवाहक प्रधानमंत्री Mohammed Ahmed Miftah समेत कई बड़े हौथी अधिकारी भी मौजूद रहे। रिहा हुए लोगों और वहां मौजूद भीड़ ने इस मौके पर जमकर नारेबाजी की और जश्न मनाया। हौथी संगठन के वरिष्ठ अधिकारी Abdelkader al-Murtada ने इन सभी युद्धबंदियों की सुरक्षित वापसी की पुष्टि करते हुए बताया कि इनमें से कुछ लोग तो ऐसे थे जो पिछले करीब आठ साल से जेल की सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहे थे।
इस दौरान जेल से बाहर आए लोगों ने अपनी आपबीती भी साझा की। इनमें से एक व्यक्ति Naseem al-Hwuaidi ने बताया कि उसे अप्रैल 2023 से जेल में बंद करके रखा गया था। वहीं दूसरे रिहा हुए कैदी Mohammed Bajash ने जानकारी दी कि वह पूरे पांच साल तक कैद में रहे और एक अन्य व्यक्ति Mohammed Fawzi ने बताया कि उसे तीन महीने पहले ही पकड़ा गया था। संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी के अनुसार इस पूरे सैन्य तनाव और संघर्ष की वजह से अब तक लगभग 46,000 लोग अपना घर-बार छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं।
लाल सागर तट पर सैन्य तनाव और संघर्ष
यह पूरा वाकया उस सैन्य अभियान के बाद सामने आया है जिसमें हौथी ताकतों ने हाल ही में यमन के लाल सागर के तटीय इलाकों और मोखा बंदरगाह समेत कई महत्वपूर्ण रणनीतिक द्वीपों पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया था। हौथी आंदोलन की तरफ से यह बड़ा हमला Thursday, September 10, 2026 को किया गया था। इस बड़े हमले और मोखा पर कब्जे के बाद इलाके में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों पक्षों की तरफ से लगातार सैन्य कार्रवाई जारी है।
हौथी बलों की इन सफलताओं के जवाब में यमन की रियाद समर्थित सरकार की सेना ने भी शनिवार के दिन मोखा क्षेत्र में जोरदार हवाई और सैन्य हमले किए। सरकारी सेना के मुताबिक इन हमलों में हौथी संगठन के कई वाहनों और हथियारों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है और इस कार्रवाई में कई लोगों के हताहत होने की भी खबर सामने आई है। दूसरी तरफ इस पूरे मामले पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और ईरान के सर्वोच्च नेता के विशेष सलाहकार Mohammad Mokhber ने शुक्रवार, September 11, 2026 को हौथी बलों की इस प्रगति की सराहना करते हुए उनकी इस सैन्य सफलता को एक बड़ी जीत बताया है।
कैदियों की अदला-बदली का पुराना इतिहास
यमन के इस लंबे संघर्ष में कैदियों की रिहाई और उनकी अदला-बदली का मुद्दा हमेशा से एक बड़ा विषय रहा है। इससे पहले भी दोनों पक्षों के बीच कई बार कैदियों को छोड़ने को लेकर समझौते हुए हैं जिनके परिणाम अलग-अलग रहे हैं। पिछले साल यानी दिसंबर 2025 में भी हजारों कैदियों की अदला-बदली को लेकर एक अहम समझौता हुआ था लेकिन उसका पूरा क्रियान्वयन अब तक साफ नहीं हो सका है। इसके अलावा अप्रैल 2023 में लगभग 900 कैदियों का एक सफल आदान-प्रदान भी देखने को मिला था जबकि मई 2026 में हुआ एक अन्य कैदी एक्सचेंज समझौता अधूरा ही रह गया था।