यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित सेना के बीच भीषण जंग तेज, सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल केंद्रों पर हुए हमले

ताइज़ (यमन): यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज़ में सऊदी समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई काफी बढ़ गई है। ताइज़ मिलिट्री एक्सिस के मुताबिक, बुधवार को हुई झड़पों में 200 से ज्यादा हूती विद्रोही मारे गए हैं। सरकारी सेना ने अल-मिसराख जिले के रास अल-नजद इलाके में हूतियों के टैंक काफिलों पर हवाई हमले किए और सोफिटेल हिल के पास उनकी चौकियों को निशाना बनाया।
हूती विद्रोहियों ने पिछले महीने बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य समेत 1,000 किलोमीटर से ज्यादा इलाके पर कब्जा कर लिया था। हालांकि, ताइज़ में उनका हमला रुक गया है, क्योंकि 2014 से यह इलाका सरकारी नियंत्रण में है।
ताइज़ में मानवीय हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी है कि हूतियों की घेराबंदी की वजह से करीब 40 लाख लोग बड़ी आपदा का सामना कर सकते हैं। यहां गेहूं के आटे और दवाओं की भारी कमी हो गई है, जिससे उन 6 लाख से ज्यादा निवासियों पर असर पड़ा है जो मदद पर निर्भर हैं।
दूसरी तरफ, हूती बलों ने सऊदी अरब में अपने हवाई हमलों का दायरा बढ़ा दिया है। उन्होंने रियाद और धहरान में सऊदी अरामको की सुविधाओं के साथ-साथ किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
मंगलवार को धहरान में एक प्रशासनिक भवन पर मिसाइल हमले से आग लग गई। वहीं रियाद में इंटरसेप्ट की गई एक क्रूज मिसाइल के मलबे से चार लोग घायल हुए और 15 घरों को नुकसान पहुंचा। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है, जिससे कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने गुरुवार को मदीना के ऊपर एक क्रूज मिसाइल को रोकने का दावा किया, लेकिन हूती अधिकारियों ने इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया। जवाब में गठबंधन ने पश्चिमी यमन और सना में तेल स्थलों पर जवाबी हमले किए।
यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने बताया कि वर्तमान सैन्य अभियान यमन सरकार के नेतृत्व में और गठबंधन के समर्थन से चलाए जा रहे हैं। उन्होंने फिलहाल बातचीत की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों के खिलाफ हमलों में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई है और विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सऊदी अरब के साथ सुरक्षा समझौते की पुष्टि की है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना युद्ध अपराध हो सकता है। सुरक्षा कारणों से यूरोपीय संघ ने 24 अक्टूबर को रियाद में खाड़ी सहयोग परिषद के साथ होने वाली बैठक स्थगित कर दी है।