Yemen Conflict: हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर के तटीय इलाकों पर किया कब्जा, सऊदी अरब ने की एयरस्ट्राइक

यमन में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर से बहुत बड़ा मोड़ ले लिया है और हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। हूती मिलिशिया ने यमन के लाल सागर के पूरे तट पर अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस घटना के बाद से साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से शुरू हुआ शांति समझौता और उसके बाद की शांति अब पूरी तरह से खत्म हो गई है। इस बड़े घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
मोचा शहर पर कब्जा और रणनीतिक बढ़त
गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को ईरान समर्थित हूती समूह ने दक्षिण-पश्चिम ताइज़ प्रांत के बेहद अहम बंदरगाह शहर मोचा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से छीनकर कब्जा कर लिया। मोचा शहर पर कब्जा करने के बाद हूती सेना आगे बढ़ी और उन्होंने हानिश और जुकर जैसे महत्वपूर्ण द्वीपों पर भी अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। इन इलाकों पर कब्जे के बाद अब हूती बल रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण माने जाने वाले बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य से केवल 50 से 70 मील की दूरी पर पहुंच गए हैं, जिससे समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
सऊदी अरब की एयरस्ट्राइक और जमीनी हालात
इस बड़े हमले और सैन्य कब्जे के जवाब में सऊदी अरब ने ताबड़तोड़ दर्जनों एयरस्ट्राइक की हैं। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब की सीमा के अंदर लगातार ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। इन हमलों की वजह से खमीस मुशायट समेत कई शहरों में आपातकालीन सायरन और अलर्ट जारी किए गए हैं। पिछले हफ्ते से शुरू हुई इन नई और भीषण झड़पों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 20,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। यमन सरकार के समर्थन वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज, जिसका नेतृत्व तारिक सालेह कर रहे हैं, पीछे हट गई है और उन्होंने बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास एक नई रक्षात्मक लाइन बनाई है। सरकारी सेना ने उपलब्ध हथियारों के साथ बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चिंता
हूती प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुलसलाम ने बयान दिया है कि सऊदी जहाजों को छोड़कर बाकी सभी जहाजों के लिए लाल सागर में नेविगेशन पूरी तरह से सुरक्षित है और उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को रक्षात्मक बताया है। वहीं, हूती सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के सदस्य अब्दुल अजीज बिन हब्तूर ने अंतरराष्ट्रीय दखल के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है कि मोचा पर कब्जा युद्ध का एक खतरनाक नया चरण है। उन्होंने समुद्री नेविगेशन की सुरक्षा के लिए तत्काल अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलिमी ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोही सीधे तौर पर ईरान की मदद से काम कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर मंडराता यह खतरा वैश्विक व्यापार, स्वेज नहर और लाल सागर के लिए बहुत बड़ा संकट पैदा कर रहा है। इसके अलावा, यमन में अमेरिकी दूतावास ने भी इस आक्रामक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है और कहा है कि हूती गुート ईरान के हितों को साधने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा को लगातार कमजोर कर रहे हैं। यमन सरकार और अन्य क्षेत्रीय स्रोतों का यह भी आरोप है कि इन हमलों को सीधे तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा निर्देशित किया जा रहा है, हालांकि ईरान ने सार्वजनिक रूप से हूती विद्रोहियों को किसी भी प्रकार की सैन्य दिशा निर्देश देने से इनकार किया है। इस बारे में अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप ReliefWeb Report पर जा सकते हैं।