Saudi Arabia पर बड़ा ड्रोन हमला, अभा, नजरान और जिजान में Aramco सुविधाओं को बनाया गया निशाना.

यमन के हूती विद्रोहियों ने 8 सितंबर 2026 को सऊदी अरब की धरती पर बड़ा हमला किया। इस हमले में सऊदी अरब की मशहूर कंपनी Saudi Aramco की तेल और ऊर्जा सुविधाओं को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने इस हमले के लिए कुल आठ ड्रोन और तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन हमलों की वजह से सऊदी अरब के कई शहरों में भारी तबाही हुई और आग लग गई। इस अचानक हुए हमले के बाद कई ऊर्जा संयंत्रों में काम को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा जिससे वहां की व्यवस्था पर असर पड़ा।
हमले की वजह और सरकारी प्रतिक्रिया
हूती सेना के प्रवक्ता Yahya Sarea ने इस बात की पुष्टि की कि यह हमला सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाइयों का जवाब था। उन्होंने बताया कि यह हमला अल-जौफ प्रांत में एक हिरासत केंद्र पर हुए हवाई हमले के विरोध में किया गया था। उस हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। इस पूरे घटनाक्रम पर सऊदी अरब की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki al-Maliki ने इन हमलों को एक खतरनाक escalation और सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 73 नागरिक घायल हुए हैं।
नागरिकों और बुनियादी ढांचे को नुकसान
सऊदी मंत्रिमंडल ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें सीधे तौर पर आतंकवाद करार दिया। सरकार ने यह भी साफ किया कि देश के पास अपनी संपत्ति और नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में सऊदी अरब को काफी वित्तीय और ढांचागत नुकसान उठाना पड़ा है। अभा, नजरान, जिजान और खमीस मुशाइत जैसे शहरों में आम नागरिकों को भी चोटें आईं। एक हमले में अरामको के फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया जिससे लगभग 10 प्रतिशत भंडारित ईंधन का नुकसान हुआ और वहां का ढांचा पूरी तरह से बेकार हो गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि वह कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कामकाज को जल्द से जल्द दोबारा शुरू करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।
तनाव और आगे का खतरा
दूसरी तरफ हूती नेतृत्व ने आगे भी ऐसे हमले जारी रखने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में सऊदी अरब की सीमा के भीतर और गहरे तक सैन्य अभियान चलाए जा सकते हैं। यह पूरा तनाव ऐसे समय में बढ़ रहा है जब यमन के लाल सागर तट पर पहले से ही भारी लड़ाई चल रही है। इस हालिया संघर्ष और हिंसा की वजह से पिछले कुछ समय में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। इस स्थिति से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के मन में भी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।