यमन भुखमरी संकट गहराया: 74% परिवार बुनियादी भोजन से जूझ रहे

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने यमन को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। संस्था के मुताबिक यमन के उन इलाकों में, जो सरकार के नियंत्रण में हैं और जहां तक पहुंच संभव है, लगभग तीन में से तीन-चौथाई परिवार यानी करीब 74 प्रतिशत घरों के लिए बुनियादी खाने का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है। यह आंकड़ा इस साल का सबसे ऊंचा स्तर है, और बढ़ती हिंसा के साथ देश का मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।
WFP के सहायक कार्यकारी निदेशक (कार्यक्रम संचालन) मैथ्यू हॉलिंग्सवर्थ ने 2 अक्टूबर 2026 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र की एक ब्रीफिंग में कहा कि संघर्ष का खाद्य सुरक्षा पर असर तुरंत दिख रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि भुखमरी का यह संकट आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।
सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच नए सिरे से छिड़ी लड़ाई, खासकर ताइज़ और दक्षिण-पश्चिमी तटीय इलाकों के आसपास, ने हालात को और बिगाड़ दिया है। इस संघर्ष में सितंबर से अब तक लगभग 1,000 लोगों की मौत का अनुमान है, और 1,49,000 से ज़्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। कुल मिलाकर दो लाख से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। लड़ाई की वजह से अहम आपूर्ति मार्गों तक पहुंच भी बुरी तरह सीमित हो गई है।
ताइज़ में राशन पर पाबंदी, कीमतों में उछाल
ताइज़ में स्थानीय प्रशासन ने जमाखोरी रोकने के लिए गेहूं की बिक्री पर रोक लगा दी है और हर परिवार को सिर्फ एक बोरी गेहूं देने की व्यवस्था की है। यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब दो हफ्तों में गेहूं के आटे की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई। ताइज़ स्थित यमनी-खाड़ी अध्ययन केंद्र के कार्यकारी निदेशक वफ़ीक़ सालेह के अनुसार खाने और ईंधन की बढ़ती कीमतें इस संकट को और गंभीर बना रही हैं। यमन अपनी खाद्य आपूर्ति का लगभग 90 प्रतिशत आयात पर निर्भर है, इसलिए बाहरी बाज़ार के झटके सीधे घरों की रसोई तक पहुंचते हैं।
पूरे देश में इस समय 1.83 करोड़ लोग तीव्र खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। UNICEF की हालिया जांच में सामने आया कि जांचे गए बच्चों में से चार में से एक से ज़्यादा कुपोषित पाया गया। 2.2 करोड़ पांच साल से कम उम्र के बच्चों में से लगभग 5 लाख बच्चे गंभीर तीव्र कुपोषण से जूझ रहे हैं और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है।
WFP ने हूती नियंत्रण वाले इलाकों में अपने अभियान संयुक्त राष्ट्र के आदेश के बाद निलंबित कर रखे हैं। संस्था ने नवंबर के वित