हूती मिलिशिया की मदद कर रहे 21 विदेशी ऑपरेटिव बेनकाब, यमन सरकार ने किया खुलासा
यमन के आंतरिक मंत्रालय ने खुलासा किया है कि ईरान और हिजबुल्लाह के 21 विशेषज्ञ हूती मिलिशिया को सैन्य संचालन और ड्रोन तकनीक में मदद कर रहे हैं।

साना: यमन के आंतरिक मंत्रालय ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि हूती मिलिशिया के साथ 21 विदेशी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। आंतरिक मंत्री मेजर जनरल इब्राहिम हैदान के नेतृत्व में मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ये ऑपरेटिव मिलिशिया की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने में सीधे तौर पर शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, इन 21 विशेषज्ञों में 14 ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के और सात लेबनान के हिजबुल्लाह के विशेषज्ञ शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कोई ट्रेनिंग मिशन नहीं है, बल्कि एक पूरी तरह से सक्रिय जनरल स्टाफ है। इस पूरे समूह की कमान एक IRGC सैन्य अधिकारी संभाल रहा है, जो कूटनीतिक कवर (डिप्लोमैटिक कवर) के तहत काम कर रहा है।
ये विदेशी ऑपरेटिव यमन के छह अलग-अलग प्रांतों में फैले हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ विशेषज्ञ अल-हुदैदा में हैं, जबकि सना और सादा में चार-चार, हज्जा और अमरन में दो-दो और अल-खौखाह जिले में एक विशेषज्ञ तैनात है।
आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि इन विशेषज्ञों की भूमिका अब केवल फंडिंग और ट्रेनिंग तक सीमित नहीं रही। वे अब सीधे तौर पर सैन्य अभियानों के प्रबंधन, सामरिक योजना बनाने और निगरानी का काम कर रहे हैं। ये विशेषज्ञ कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम, बैलिस्टिक मिसाइल ऑपरेशंस और मानवरहित हवाई वाहन (UAV) प्रोग्राम जैसे तकनीकी क्षेत्रों में सहायता दे रहे हैं।
इसके अलावा, ये ऑपरेटिव इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, संचार प्रणालियों और निगरानी तकनीक पर भी काम कर रहे हैं। वे समुद्री अभियानों का समन्वय कर रहे हैं, जिसमें व्यावसायिक जहाजों के लिए लक्ष्य तय करना, जाल बिछाने वाली नावें (बूबी-ट्रैप्ड बोट्स) विकसित करना और स्वायत्त अंडरवॉटर वाहनों की इंजीनियरिंग शामिल है। साथ ही, वे लैंडमाइन बिछाने, शहरी युद्ध और शहरों की घेराबंदी की रणनीतियों की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।
यमन के आंतरिक मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में चेतावनी दी है कि ये गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। मंत्रालय के अनुसार, इससे क्षेत्रीय समुद्री नेविगेशन और लाल सागर व बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में व्यापार की स्वतंत्रता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।