यमन के कह्बूब हाइट्स पर भीषण जंग, 72 घंटे में 169 लोगों की हुई मौत.

लाल सागर के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कह्बूब हाइट्स पर नियंत्रण को लेकर पिछले 72 घंटों में भयंकर संघर्ष छिड़ गया है। इस संघर्ष में कुल 169 लोगों के मारे जाने की आधिकारिक और रिपोर्ट की गई जानकारी सामने आई है। बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के पास यह इलाका समुद्री व्यापारिक मार्ग के लिए बेहद अहम माना जाता है, जिस पर कब्जा जमाने के लिए हूती लड़ाके और सऊदी समर्थित सरकारी सैनिक आमने-सामने आ चुके हैं। हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं और दोनों पक्षों की ओर से भारी गोलाबारी और हमलों का दौर जारी है।
हूती और सरकारी बलों को हुआ भारी नुकसान
हूती सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार से अब तक सऊदी हवाई हमलों, तोपखाने की गोलाबारी और जमीनी लड़ाई में उनके 118 लोगों की मौत हुई है। वहीं दूसरी ओर, सरकारी बलों ने पुष्टि की है कि इस संघर्ष में उनके 36 कर्मियों की भी जान चली गई है। इसके अलावा, हूती संचालित अल-मसीरा ने बताया कि मोचा में हुए एक हमले में छह नागरिकों की जान चली गई, जिनमें एक महिला और दो बच्चे भी शामिल थे। वहीं अल-जोफ की एक जेल पर हुए हमले में नौ कैदियों की मौत हो गई।
विस्थापन और मानवीय संकट गहराया
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त और सितंबर के इस चल रहे संघर्ष का व्यापक मानवीय असर देखने को मिल रहा है। इस दौरान अब तक कुल 674 मौतें हो चुकी हैं और लगभग 3,000 लोग घायल हुए हैं। लोगों का अपने घरों से पलायन बहुत तेजी से बढ़ा है, और इस महीने अकेले 158,000 लोगों ने अपना घर छोड़ दिया है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का अनुमान है कि आंतरिक रूप से विस्थापित होने वालों की संख्या बढ़कर 230,000 तक पहुंच सकती है, जिनमें से 10,000 से अधिक लोग जिबूती में शरण ले सकते हैं।
सऊदी अरब के तेल मार्गों पर खतरा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हूती बलों द्वारा मोचा बंदरगाह, पेरिम द्वीप और हहानिश द्वीपों पर कब्जा किए जाने के बाद सऊदी अरब के तेल परिवहन मार्गों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इन तेल मार्गों को अब यानबु के रास्ते डायवर्ट किया गया है। रियाद ने इसके जवाब में बड़े पैमाने पर सैन्य उड़ानें शुरू की हैं, जिसमें अकेले सोमवार को 157 हवाई हमले शामिल हैं। सऊदी अरब ने इस मामले में अमेरिकी दखल की भी मांग की थी। प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अनुरोध पर पेंटागन ने हमलों की तैयारी भी की थी, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रैन ने इस मिशन को हरी झंडी देने से इनकार कर दिया। वहीं ब्रिटेन ने सऊदी विमानों को सीमित एयर-टू-एयर ईंधन भरने में मदद दी है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में मिले जी-7 देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से हूती विद्रोहियों को हथियार देना बंद करने की अपील की है और हूती समूह से कहा है कि वे सऊदी नौवहन और शहरी इलाकों को निशाना बनाना तुरंत रोकें।
रणनीतिक महत्व और पाकिस्तान-तुर्किये को चेतावनी
कह्बूब रिजलाइन पर नियंत्रण रखना मयून द्वीप के रास्तों पर हावी होने और आदेन में तैनात सरकारी बलों का मुकाबला करने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। हालांकि सरकारी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने ताइज के पास हूती लड़ाकों को पीछे खदेड़ दिया है और एक ड्रोन को भी मार गिराया है, लेकिन हूती मीडिया रस अल-अरा तट के पास अपनी बढ़त का दावा कर रहा है। यमन अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत भोजन आयात के जरिए पूरा करता है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के मुताबिक, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति खराब होने के कारण विस्थापित लोग बुनियादी सुविधाओं से रहित कैंपों में पहुंचने लगे हैं। रियाद के साथ रक्षा समझौतों के चलते पाकिस्तान और तुर्किये के लिए भी संभावित खतरे पैदा हो गए हैं। हूती नेता अब्दुलमलिक अल-हूती ने इन दोनों देशों को किसी भी प्रकार के सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ साफ तौर पर चेतावनी दी है।