यमन के लहज में सेना और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण झड़प, 24 लोग हताहत
यमन के लहज प्रांत में सेना और हूती विद्रोहियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 24 लोग हताहत हुए हैं। जानें क्या था हूतियों का मकसद।

लहज (यमन): यमन के पश्चिमी लहज प्रांत के अल-मदरिबा और रास अल-अराह जिलों में शुक्रवार, 31 अक्टूबर 2026 को यमनी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। करीब दो घंटे तक चली इस भीषण लड़ाई में दोनों पक्षों के कुल 24 लोग मारे गए या घायल हुए हैं।
इस सैन्य कार्रवाई में दक्षिणी जायंट्स ब्रिगेड की 31वीं ब्रिगेड ने स्थानीय आदिवासी लड़ाकों के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। यमनी सेना के मुताबिक, इस संघर्ष में उनके कम से कम दो सैनिकों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए हैं। वहीं, हूती विद्रोहियों की ओर से सात लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए हैं।
लड़ाई का दायरा अल-मकतिराह जिले तक भी फैल गया, जहां हूती बलों ने सेना की चौकियों पर हमला करने की कोशिश की। हूतियों का मकसद अल-मुहवाला फ्रंट के पश्चिम में सैन्य ठिकानों की ओर बढ़ना था, ताकि वे रणनीतिक कहबूब फ्रंट पर सरकारी बलों को घेर सकें और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की ओर जाने वाली सप्लाई लाइनों को काट सकें।
इसके अलावा, हूती विद्रोही नकिल अल-करबा, अल-मकतिराह किला और अल-रुबुआ बाजार जैसे रणनीतिक स्थानों पर कब्जा करना चाहते थे। उनका उद्देश्य लहज के रास्ते पड़ोसी ताइज़ प्रांत की ओर जाने वाली यमनी सेना की कुमुक को रोकना था।
सेना ने अल-मदरिबा और रास अल-अराह के बाहरी इलाकों में स्थित अल-मजज़ा, जबल अल-हफ़र और बिराह अल-घलाब क्षेत्रों में हूतियों की बढ़त को नाकाम कर दिया।
देशभर में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच यमनी सेना ने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान विभिन्न मोर्चों पर हूती बलों के खिलाफ 1,087 सैन्य अभियान चलाए गए। इन ऑपरेशनों में 336 हूती लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं।