Yemen में बड़ा सैन्य अभियान शुरू, मारिब में हूती ठिकानों पर जोरदार बमबारी और जहाजों पर रोक का ऐलान.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ सरकारी सेना ने सऊदी नीत गठबंधन के समर्थन से मारिब गवर्नर में हूती ठिकानों पर जोरदार बमबारी अभियान शुरू कर दिया है। यह सैन्य कार्रवाई 2 सितंबर 2026 को रिपोर्ट की गई, जो लगातार बढ़ रहे तनाव और सैन्य गतिविधियों का हिस्सा है। इस पूरे घटनाक्रम से यमन के हालात एक बार फिर गंभीर बने हुए हैं और आम जनता के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
मारिब में सैन्य अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक
रणनीतिक स्थिति की समीक्षा करने के लिए 2 सितंबर 2026 को मारिब में देश के शीर्ष सैन्य और सरकारी अधिकारियों की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य सुल्तान अल-अरादा, रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल ताहेर अल-ओगाइली, चीफ ऑफ स्टाफ और ज्वाइंट ऑपरेशंस कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल सघीर बिन अजीज और मारिब में सऊदी नीत गठबंधन सेना के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल फारेस अल-शम्मारी शामिल हुए। बैठक में सभी ने मिलकर सैनिकों की तैयारी और मौजूदा योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की।
इस दौरान नेता सुल्तान अल-अरादा ने कहा कि सरकार का यह सैन्य अभियान देश की रक्षा और राष्ट्रीय सिद्धांतों को बचाने के लिए एक बहुत जरूरी कदम है। उन्होंने सैन्य अनुशासन को और बेहतर बनाने पर जोर दिया ताकि सरकारी संस्थानों को फिर से पूरी तरह से बहाल किया जा सके। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश में शांति और व्यवस्था वापस लाना है ताकि आम लोगों का जीवन सामान्य हो सके।
हूती प्रवक्ता का बड़ा बयान और समुद्री नेविगेशन पर रोक
दूसरी तरफ इस सैन्य कार्रवाई के जवाब में हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल यह्या सारेे ने 2 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने सऊदी अरब से जुड़े समुद्री नेविगेशन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान किया। उनका कहना था कि यह कदम उनके खिलाफ चल रही नाकाबंदी और सैन्य कार्रवाई का जवाब है और वे अब व्यापक वृद्धि की नीति पर चलेंगे। इन सभी मामलों की जानकारी सबसे पहले SaudiNews50 द्वारा दी गई थी।
यमन में चल रही इन लगातार सैन्य गतिविधियों और जवाबी बयानों से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। सेना और हूती विद्रोहियों के बीच चल रहे इस संघर्ष का असर वहां के आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति किस करवट बैठेगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों पक्ष आगे क्या कदम उठाते हैं।