Yemen में भड़की हिंसा, मारिब में हूती ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई और जमीनी हमले.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बार फिर से बड़ी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। 12 सितंबर 2026 को यमन के सैन्य बलों और सदर्न जायंट ब्रिगेड ने मिलकर मारिब गवर्नरट में हूती मिलिशिया के ठिकानों पर अचानक और जोरदार हमले किए। इन हमलों में जमीन से लेकर हवा तक कार्रवाई की गई, जिससे हूतियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आम लोगों की भाषा में समझें तो सरकार समर्थक बलों ने आतंकवादियों और विद्रोहियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है ताकि देश में शांति बहाली की जा सके।
मारिब में हूती वाहन और ठिकाने तबाह
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के दौरान दक्षिणी मारिब में हूतियों का एक बीएमपी (BMP) बख्तरबंद वाहन पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। इसके अलावा, क्षेत्र के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हूतियों की भीड़, सैन्य गाड़ियों और छावनियों को भी निशाना बनाया गया। सदर्न जायंट ब्रिगेड ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि उनके जवानों ने सफल ऑपरेशन चलाकर कई हूती गाड़ियों को नेस्तनाबूद कर दिया और उनके कई लड़ाकों को मार गिराया। पिछले कुछ दिनों से मारिब के मोर्चे पर तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
इससे पहले, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से यमन के सशस्त्र बलों ने अल-माशजाह, अल-जावर और अल-आरिफ सेक्टरों में हूतियों के दो बड़े हमलों को एक साथ नाकाम कर दिया था। सरकारी सैनिकों ने ड्रोन तकनीक और तोपखाने का इस्तेमाल करते हुए दुश्मनों पर भारी गोलाबारी की। रिपोर्ट के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में हूतियों के लगभग 80 प्रतिशत लड़ाके और उनके हथियार खत्म कर दिए गए, जो घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे।
अन्य इलाकों में भी जारी है सैन्य अभियान
सिर्फ मारिब ही नहीं, बल्कि यमन के दूसरे हिस्सों में भी सेना का अभियान लगातार जारी है। यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाजिली ने अल-मोखा बंदरगाह के पास हूतियों के हथियारों और ठिकानों के नष्ट होने की पुष्टि की है। वहीं दूसरी तरफ, सदर्न जायंट ब्रिगेड ने लाहज के अल-मुधरिबा जिले की सीमाओं पर भी हूती लड़ाकों को करारा जवाब दिया है। अल-जौफ मोर्चे पर भी सरकारी सेना ने पिछले छह दिनों से अल-लाबनाथ शिविर में हूती ठिकानों को घेर रखा है।
दूसरी ओर, हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारे ने ताइज़ और अल-हुदायदा में आगे बढ़ने का दावा किया है और गठबंधन के हवाई हमलों का बदला लेने की बात कही है। इसके बावजूद, यमन के प्रधानमंत्री शायया अल-जिंदानी समेत कई सरकारी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि देश की सरकार इस संघर्ष में अपनी स्थिति मजबूत करने और शांति लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।