यमन के मारीब में सऊदी समर्थित सैन्य कैंपों पर हुए जोरदार धमाके और कई हवाई अड्डों पर मिसाइल हमले

मारीब (यमन): यमन के मारीब प्रांत में सऊदी अरब समर्थित सेना के कैंपों पर 21 अक्टूबर 2026 को जोरदार धमाके हुए। हूती समर्थित वॉर मीडिया के मुताबिक, ये हमले रघवान जिले के पूर्व में सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाकर किए गए, जिसमें कई सैन्य वाहन तबाह हो गए हैं।
मारीब शहर में पिछले कुछ दिनों से मिसाइल हमलों का दौर जारी है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि 20 अक्टूबर को चार, 19 अक्टूबर को कई और 18 अक्टूबर को आठ मिसाइलें दागी गईं।
सैन्य तनाव अब मारीब से बाहर भी फैल चुका है। 21 अक्टूबर को हूती बलों ने हद्रमौत के अल-रयान एयरपोर्ट पर तीन ड्रोन और अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया।
यमन के परिवहन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इन हमलों से नागरिक उड्डयन और यात्रियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हूती समर्थित सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने दावा किया कि अदन के बद्र कैंप में सऊदी समर्थित बलों के ऑपरेशन्स रूम पर सटीक मिसाइल हमला किया गया है।
वहीं पश्चिमी ताइज़ के पुराने एयरपोर्ट और मुदरत इलाकों में सरकारी सेना और हूती मिलिशिया के बीच भारी झड़पें हो रही हैं। सरकारी सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने कहा कि सरकारी सैनिकों ने हूतियों के कई समन्वित हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूती मिलिशिया अल-जौफ प्रांत के पूर्व और मारीब के उत्तर में अपनी अतिरिक्त सेना जमा कर रहे हैं। ब्रिगेडियर जनरल सारी ने सऊदी अरब के मदीना में ड्रोन हमले की खबरों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है।
सारी ने यह भी आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मारीब समेत यमन के कई प्रांतों में 93 हवाई और मिसाइल हमले किए। इस हिंसा के बीच मारीब और सादा के कबीलों ने विदेशी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए आम लामबंदी की घोषणा की है।