यमन: तइज़ और मारिब में सरकारी सेना की बड़ी बढ़त, हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान

यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को सरकारी सेना और उनके सहयोगी बलों ने हूती मिलिशिया के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान तेज कर दिया है। 'डॉन ऑफ यमन' नामक इस ऑपरेशन के तहत तइज़, मारिब, अल-जौफ और पश्चिमी तट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भीषण मुठभेड़ें हुई हैं। राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी इस पूरी स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं, जबकि सरकारी सेना ने कई रणनीतिक मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
तइज़ के अल-वाज़िया जिला में सरकारी बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। सेना ने अल-मंसुरा और अल-शरीरा के पास हूती ठिकानों की निगरानी करने वाली महत्वपूर्ण पहाड़ियों और ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया है। इसके अलावा, अल-सिलव क्षेत्र में सात घंटे तक चली भीषण लड़ाई के बाद सरकारी सैनिकों ने हूतियों के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया, जिसमें करीब 12 हूती लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। वहीं, मारिब में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उम्म रिश कैंप के आसपास के इलाकों को मुक्त करा लिया गया है और सेना अब इस सुविधा की ओर तेजी से बढ़ रही है।
नागरिकों पर हमला और सुरक्षा चेतावनी
जहाँ एक तरफ सैन्य मोर्चे पर सरकारी सेना बढ़त बना रही है, वहीं हूती विद्रोहियों ने रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मध्य तइज़ के अल-शमासी और अल-थौरा जिलों में हूतियों की गोलाबारी में पांच नागरिक घायल हुए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तइज़ के दक्षिणी गांवों में हुए हमलों में अब तक कई नागरिकों की जान जा चुकी है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कुल मिलाकर, रिहायशी इलाकों पर हुए इन हमलों में आठ से अधिक नागरिक हताहत हुए हैं।
इस बीच, यमन के आंतरिक मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सेना की गतिविधियों और संवेदनशील सैन्य सूचनाओं को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा न करें, ताकि दुश्मन सेना इसका फायदा न उठा सके।
हिंसा यहीं नहीं रुकी; यमन के परिवहन मंत्रालय ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एक हमले की कड़ी निंदा की है। बताया गया है कि हूतियों ने हवाई अड्डे को निशाना बनाने के लिए दो बैलिस्टिक मिसाइलों और कई विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल किया, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।