यमन के अल-जौफ में सैन्य कार्रवाई, हवाई हमलों में 64 हूती लड़ाके ढेर
यमन के अल-जौफ में हूती ठिकानों पर सैन्य विमानों ने हमले किए। 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत 64 हूती लड़ाके मारे गए।

अल-जौफ (यमन): यमन के अल-जौफ मोर्चे पर सैन्य विमानों ने हूती लड़ाकों के जमावड़े को निशाना बनाते हुए बड़े हमले किए हैं। 5 नवंबर 2026 को मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई यमनी सरकारी बलों द्वारा चलाए जा रहे 'डॉन ऑफ यमन' अभियान का हिस्सा है।
सरकारी बलों ने यह सैन्य अभियान 5 अक्टूबर 2026 को शुरू किया था। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य राज्य के संस्थानों पर दोबारा कब्जा करना और राजधानी सना को मुक्त कराना है।
वहीं, तइज़ शहर के उत्तरी मोर्चे पर सरकारी सेना और लोकप्रिय प्रतिरोध के लड़ाकों ने हूतियों के एक हमले को नाकाम कर दिया। सेना से जुड़े आउटलेट 'सितंबर नेट' के मुताबिक, रक्षात्मक कार्रवाई के बाद हमलावर हूती सेना को पीछे हटना पड़ा।
तइज़ प्रांत के दक्षिणी मोर्चे पर स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, हूती सेना अपनी ताकत बढ़ाने के लिए गश्ती वाहनों और एक टैंक को इस क्षेत्र की ओर भेज रही है।
लहज मोर्चे के मकातेराह, अल-सवाला और अल-ज़रीक इलाकों में भी भारी झड़पें दर्ज की गई हैं। इन सैन्य गतिविधियों के बीच मानवीय संकट भी गहरा रहा है।
हयफ़ान जिले के अल-अथवीर इलाके में हूतियों द्वारा दागे गए एक मिसाइल हमले में आठ नागरिक मारे गए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
सरकारी बलों ने हालिया तनाव के बीच कुल 322 सैन्य ऑपरेशन चलाने की जानकारी दी है। इन कार्रवाइयों में 64 हूती लड़ाकों को ढेर कर दिया गया और 16 सैन्य वाहनों को नष्ट या बेकार कर दिया गया।
इन सैन्य नुकसानों और नाकामियों पर हूती आंदोलन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।