यमन के ताइज़ प्रांत में सेना और हूती विद्रोहियों के बीच भीषण लड़ाई, भारी तबाही
यमन के ताइज़ प्रांत में सेना और हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज हुई है। भारी तबाही और विस्थापन के बीच मानवीय संकट गहरा गया है।

ताइज़ (यमन): यमन में सैन्य संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। सरकारी सेना और हूती विद्रोहियों के बीच ताइज़ प्रांत के दक्षिणी हिस्सों में भीषण लड़ाई चल रही है। साबिर अल-मावादिम जिले के अल-अकरौध, अल-मसरख और अल-रहन गांव में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं।
यमन की सेना ने 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के तहत पिछले 24 घंटों में 749 ऑपरेशन चलाए हैं। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि इस दौरान 239 हूती कमांडरों और लड़ाकों को ढेर कर दिया गया है। साथ ही 117 सैन्य वाहनों को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि सैन्य अभियान जारी रहेंगे, लेकिन नागरिकों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
दूसरी ओर, हूती समर्थित मीडिया ने दावा किया है कि गुरुवार को मकबनाह जिले के अल-बरह इलाके में दो रिहायशी घरों पर सऊदी हवाई हमले हुए। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इससे पहले 28 अक्टूबर को अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्हें हूती विद्रोहियों से जोड़ा गया है। इस हमले में नागरिक घायल हुए और संपत्ति का नुकसान हुआ।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, 20 से 25 अक्टूबर के बीच कुल 559 लोग हताहत हुए, जिसमें रोजाना औसतन 93 लोग शामिल थे। अगस्त से अब तक करीब 1,700 लोगों की जान जा चुकी है और 7,000 से ज्यादा घायल हुए हैं। ताइज़ में हूती विद्रोहियों की घेराबंदी के कारण जरूरी सामान की सप्लाई रुक गई है, जिससे मानवीय संकट गहरा गया है।
ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने बताया कि 18 अक्टूबर को हूती समूह ने हयजत अल-अब्द सड़क को भारी नुकसान पहुंचाया, जो सहायता सामग्री पहुंचाने का मुख्य रास्ता था। HRW की शोधकर्ता निकु जाफरनिया ने कहा कि नागरिकों के अस्तित्व के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को नष्ट करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अगस्त की शुरुआत से यमन में 2.81 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा ताइज़ में हैं। सामाजिक मामलों और श्रम मंत्री मुख्तार उमर सालेह अल-याफेई के मुताबिक, 10 अगस्त से 15 अक्टूबर के बीच अकेले ताइज़ प्रांत में 1.35 लाख लोग विस्थापित हुए, जबकि 79 नागरिकों की मौत हुई और 206 घायल हुए।
यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ताइज़ के 2.46 लाख से ज्यादा लोग जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो गए हैं। इनमें 1.86 लाख पांच साल से कम उम्र के बच्चे और 23 हजार गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इस बीच, WHO ने 24 अक्टूबर को क्षेत्र में 30 मीट्रिक टन चिकित्सा आपूर्ति पहुंचाई है।
यमन के अधिकारियों ने हूती बलों पर हमलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि नागरिक दम घुटने और बेहोशी का शिकार हो रहे हैं, जिसके बाद इस मामले की तत्काल जांच की मांग की गई है।