Yemen में फिर भड़की हिंसा, Sanaa पर कब्जे के लिए सेना का बड़ा हमला, सऊदी अरब पर भी ड्रोन अटैक

यमन में हालात एक बार फिर से काफी तनावपूर्ण हो गए हैं और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 8 सितंबर 2026 को यमन के अल-धालेआ गवर्नरट के ऊपर सैन्य विमानों को उड़ते हुए देखा गया, जिससे इलाके में हवाई गतिविधियों के तेज होने की बात सामने आई। यमन की सरकार के साथ मिलकर काम करने वाली सेना ने एक बड़ा काउंटरओफेंसिव यानी जवाबी हमला शुरू कर दिया है, जिसका मुख्य मकसद सना (Sanaa) राजधानी को वापस अपने कब्जे में लेना है। आपको बता दें कि यह राजधानी साल 2014 से ही हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में बनी हुई है और अब इसे छुड़ाने के लिए सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारी का बड़ा बयान और सैन्य कार्रवाई
यमन के उप रक्षा मंत्री Major-General Samir al-Sabri ने उसी दिन यानी 8 सितंबर को राजधानी सना को फिर से वापस हासिल करने के आधिकारिक फैसले की पुष्टि की। यह सैन्य कदम इलाके में चल रहे लंबे संघर्ष के बाद उठाया गया है। इससे एक दिन पहले यानी 7 सितंबर 2026 को यमन के युद्धक विमानों ने अल-धालेआ के मुराइस फ्रंट पर स्थित माउंट नासा पर एक सटीक हमला किया। इस कार्रवाई में हूती विद्रोहियों के एक कमांड-एंड-कंट्रोल रूम और थर्मल सर्विलांस सिस्टम को पूरी तरह निशाना बनाया गया, साथ ही हूती लड़ाकों की जमावड़ों पर भी बमबारी की गई।
सऊदी अरब के शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले
इस क्षेत्रीय जंग के बढ़ने की वजह से पड़ोसी देशों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। हिंसक झड़पों के जवाब में 8 सितंबर 2026 को हूती ताकतों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया। हूती विद्रोहियों ने सऊदी के Khamis Mushait, Abha, Jizan और Najran शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इन ताबड़तोड़ हमलों की वजह से कुल 73 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
मानवीय संकट और लोगों का पलायन
बीते 5 सितंबर से यमन में शुरू हुई हिंसा की इस नई लहर के कारण आम नागरिकों पर भारी मुसीबत टूट पड़ी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने 8 सितंबर को जारी रिपोर्ट में बताया कि इन हालिया संघर्षों में लगभग 900 लोग या तो मारे गए हैं या फिर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा कैजुअल्टी यानी हताहत होने वाले लोग Taiz और यमन के पश्चिमी तट के इलाकों से हैं। इसके अलावा, इस भयानक हिंसा और गोलाबारी के कारण ताइज़ (Taiz) शहर से लगभग 21,000 लोगों को अपना घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।