यमन में मिसाइल हमलों से स्वास्थ्य सेवाएं खतरे में डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने जताई चिंता
डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने चेतावनी दी है कि यमन में मिसाइल हमलों से अस्पतालों और मेडिकल सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।

अदन (यमन): डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने चेतावनी दी है कि यमन में जारी सैन्य हमलों की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर खतरे में हैं। संगठन के मुताबिक, इन हमलों से मेडिकल सप्लाई और जरूरी उपकरणों की पहुंच बाधित हो रही है, जिससे मरीजों की जान को खतरा बढ़ गया है।
अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए एक मिसाइल हमले के कारण MSF का एक चार्टर्ड विमान उड़ान नहीं भर सका। इस घटना के बाद विमान में सवार मानवीय सहायता कर्मियों को तुरंत सुरक्षित ठिकानों की तलाश करनी पड़ी। हालांकि, संगठन ने पुष्टि की है कि इस घटना के दौरान सभी मरीज और कर्मचारी सुरक्षित रहे।
हिंसा का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 26 अक्टूबर को मोखा में तीन हमले हुए, जिनमें से एक मिसाइल मोखा जनरल अस्पताल से महज 150 मीटर दूर गिरी। इस अस्पताल में MSF की टीमें प्रसूति और बाल रोग वार्डों का संचालन कर रही हैं।
यमन सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सूचना मंत्रालय ने आरोप लगाया कि हूती विद्रोहियों ने 24 और 25 अक्टूबर के सप्ताहांत में अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अल-तवाही बंदरगाह को निशाना बनाया। सरकार के अनुसार, इस महीने एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलों से यह चौथा हमला था। इससे पहले 16 अक्टूबर को भी एक हमला हुआ था, जब एक यात्री विमान उड़ान की तैयारी कर रहा था।
परिवहन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इन हमलों से नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को बड़ा खतरा है और आम जनता पर मानवीय व आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। सूचना मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि 26 अक्टूबर को हूती बलों ने अदन के पश्चिम में विस्थापित लोगों के एक कैंप पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने अदन और लहज प्रांतों में सऊदी समर्थित बलों के सैन्य ठिकानों और हथियारों के डिपो पर हमले किए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 26 अक्टूबर को बताया कि उन्होंने हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों में मिसाइल लॉन्चरों और सुरंगों को नष्ट कर उनकी क्षमता कम करने के लिए ऑपरेशन चलाया है।