यमन के मोखा पोर्ट पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, रेस्टोरेंट को बनाया निशाना जिसमें कई नागरिकों की गई जान.

यमन के लाल सागर के बंदरगाह शहर मोखा में हूती विद्रोहियों की तरफ से किए गए एक भयानक हमले में कई आम नागरिकों की जान चली गई है। यह घटना 4 सितंबर 2026 की है, जब सरकारी मीडिया और अल जजीरा इंग्लिश ने इस बात की पुष्टि की कि एक स्थानीय रेस्टोरेंट को मिसाइल और ड्रोन हमले से दहला दिया गया। इस खौफनाक हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हमले में इतने लोगों की हुई मौत और घायल
यमन की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की मदद करती है, उन्होंने बताया कि इस घातक हमले में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और एक दर्जन से ज्यादा लोग बुरी तरह जख्मी हुए हैं। मरने वालों में तीन आम नागरिक और चार सैनिक शामिल थे, जबकि घायल होने वालों में 15 नागरिक भी हैं। यमन के सूचना मंत्रालय के एक अधिकारी फayed al-Noman ने बताया कि हूती लड़ाकों ने इस इलाके को तबाह करने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इस हमले की वजह से वहां रखे कमर्शियल सामान, खाने-पीने की सप्लाई, एक पियर और आसपास की इमारतों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। बाद में हूती गुट ने खुद इस हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने सैन्य बलों और गोदामों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे थे।
लगातार बढ़ रहा है हिंसा का दायरा
यह अकेली घटना नहीं है बल्कि इन दिनों यमन में हिंसा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। 3 सितंबर से 4 सितंबर 2026 के बीच हुई अलग-अलग झड़पों और हमलों में कुल 81 लड़ाके मारे जा चुके हैं। इनमें 24 सरकारी सैनिक, ताएज में मारे गए 15 अन्य सरकारी बल और 42 हूती मिलिशिया शामिल हैं। इसके अलावा, सरकार समर्थक बलों ने यह भी जानकारी दी कि 3 सितंबर को होदेइदाह प्रांत में हूती बलों की तरफ से की गई गोलीबारी में सात आम नागरिक मारे गए और 10 लोग घायल हो गए। उसी दिन हूती लड़ाकों ने होदेइदाह और ताएज के घनी आबादी वाले इलाकों पर 14 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।
अमेरिका के कथित एयरस्ट्राइक और सरकारी बयान
इसी दिन यानी 4 सितंबर 2026 को यह भी खबर सामने आई कि अमेरिकी सेना ने सना शहर में हवाई हमले किए। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इनमें से एक हमले में आठ नागरिकों की मौत हो गई, जबकि शुउब जिले में हुए दूसरे हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 30 लोग घायल हो गए। हालांकि, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने नागरिकों के हताहत होने की इन रिपोर्ट्स पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से मना कर दिया है। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर एरयानी ने कहा है कि अब हूती गतिविधियां सिर्फ यमन या लाल सागर के शिपिंग रास्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। राजनीतिक कार्यकर्ता रियाद अलदुबाई ने इस बात पर जोर दिया कि हूती विद्रोहियों का यह नया हमला सीधे तौर पर यमन की आर्थिक संस्थाओं और बुनियादी ढांचे को खत्म करने की एक साजिश है, जिसके तहत विशेष रूप से मोखा बंदरगाह को निशाना बनाया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार से जुड़े संगठन लगातार इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह की हिंसा से आम लोगों और बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है और देश एक बार फिर बड़े पैमाने पर युद्ध की तरफ धकेला जा रहा है।