Yemen Airstrike: यमन के अल-हज्म जेल पर सऊदी गठबंधन का हमला, 7 लोगों की मौत और कई फंसे मलबे के नीचे.

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। 8 सितंबर 2026 को यमन की संसद और अंसार अल्लाह के राजनीतिक ब्यूरो ने सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा किए गए एक घातक हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। यह हमला अल-जौफ प्रांत में स्थित अल-हज्म की सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी यानी केंद्रीय सुधार गृह पर किया गया था। इस दर्दनाक घटना ने इलाके में तनाव को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी हद तक बढ़ गई हैं।
हवाई हमले में कई बेकसूर लोगों की गई जान
यह खतरनाक हमला 7 सितंबर 2026 को सोमवार के दिन हुआ था। इस हवाई हमले में कुल सात लोगों की जान चली गई, जिसमें छह कैदी और एक बच्चा शामिल था जो वहां किसी से मिलने आया था। इसके अलावा, इस घटना में सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए, जिनमें एक महिला भी शामिल है जो अपने पति से मिलने जेल आई थी। हूती गुट के अल-मसीरा टीवी और जेल वॉर्डन ने जानकारी दी कि इस भीषण हमले के बाद लगभग 35 कैदी और एक महिला आगंतुत यानी विजिटर मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। इस हमले की वजह से जेल की इमारत को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है और राहत तथा बचाव कार्य जारी है।
हूती नेताओं और सेना की तीखी प्रतिक्रिया
अंसार अल्लाह के राजनीतिक ब्यूरो ने इस हवाई हमले को एक भयानक नरसंहार और घोर अपराध करार दिया है। उनका कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का साफ उल्लंघन है और युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है। हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारेई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस सऊदी आक्रामकता का करारा जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही सैन्य गतिविधियों की जानकारी देते हुए उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान हूती बलों ने सऊदी के चार जासूस ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया है, जिनमें से एक ड्रोन बैदा प्रांत में गिराया गया था।
सऊदी अरब का पक्ष और सीमावर्ती इलाकों पर हमले
दूसरी तरफ, सऊदी के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सऊदी अरब की धरती पर हुए हूती हमलों का कड़ा जवाब दिया है। इन हमलों में करीब 73 नागरिक घायल हुए हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों में दक्षिणी ऊर्जा क्षेत्र की सुविधाओं को निशाना बनाया गया था, जिसकी वजह से वहां आग लग गई और काम को अस्थाई रूप से रोकना पड़ा। इस हमले में कई नागरिकों और निवासियों को चोटें आई हैं। प्रिंस फैसल ने यह भी कहा कि बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं, लेकिन सऊदी अरब अपने हितों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। हालांकि, रियाद की तरफ से अल-हज्म जेल पर हुए हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
संयुक्त राष्ट्र की चिंता और बढ़ता तनाव
संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इस नागरिक हताहतों और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तुरंत लड़ाई रोकने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्ध फिर से बड़े पैमाने पर शुरू होता है, तो इसके बहुत बुरे मानवीय परिणाम भुगतने पड़ेंगे। यह हिंसा ऐसे समय में तेज हुई है जब सरकारी वफादार सेना ने सना पर दोबारा कब्जा करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है, जिससे साल 2014 के अंत से चल रहा कमजोर संघर्ष विराम खतरे में पड़ गया है।