यमन: PLC ने हूती इलाकों के लोगों से कहा, बच्चों को युद्ध में न भेजें
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने नागरिकों से हूती मिलिशिया द्वारा बच्चों की सैन्य भर्ती का विरोध करने की अपील की है।

यमन: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से अपने बच्चों को युद्ध में शामिल होने से बचाने की अपील की है। काउंसिल ने 2 नवंबर, 2026 को जारी एक औपचारिक निर्देश में लोगों से हूती सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों में सहयोग न करने को कहा है।
काउंसिल ने जनता से आग्रह किया है कि वे हूती समूह के लामबंदी और भर्ती अभियानों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने से इनकार करें। यह अपील ऐसे समय में आई है जब हूती बलों द्वारा नाबालिगों के व्यवस्थित शोषण को लेकर लंबे समय से चिंताएं जताई जा रही हैं।
मानवाधिकार संगठनों और सरकारी अधिकारियों ने अक्सर यह दस्तावेजीकरण किया है कि मिलिशिया बच्चों की भर्ती के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करता है। इसमें स्कूलों और समर कैंपों में वैचारिक तौर पर प्रभावित करना और परिवारों पर दबाव डालने के लिए आर्थिक प्रलोभन देना शामिल है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नाबालिगों को वित्तीय मुआवजे या सैन्य प्रशिक्षण के वादों के जरिए लुभाया जाता है। इसके बाद उन्हें अक्सर सक्रिय फ्रंट लाइनों पर तैनात कर दिया जाता है।
प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल का यह बयान हूती भर्ती रणनीतियों के खिलाफ एक सीधी चुनौती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने इन रणनीतियों की लगातार निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानकों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
सरकार ने सार्वजनिक असहयोग का आह्वान करके मिलिशिया की उस क्षमता को कमजोर करने की कोशिश की है, जिसके जरिए वह बाल सैनिकों का उपयोग कर अपनी सैन्य रैंक को बनाए रखता है।